फर्जीवाड़ा: केजीएमयू में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पढ़ा रहे थे 83 टीचर्स!
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केजीएमयू में नौकरी पाने के लिए शिक्षकों ने फर्जीवाड़ा कर दिया। उनके शैक्षिक अनुभव के प्रमाण पत्रों को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने अमान्य घोषित कर दिया है। वहां से आए पत्र के आधार पर कुलपति प्रो.रविकांत ने ऐसे शिक्षकों की सूची सार्वजनिक कर दी है।
इस सूची को ई-मेल के माध्यम से सभी शिक्षकों को भेजा गया है। कुलपति के इस कदम से केजीएमयू में हड़कंप मचा हुआ है।
केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत ने 13 जून को सभी शिक्षकों को ई-मेल किए थे। इन ई-मेल को जैसे शिक्षक पढ़ते गए, हंगामा खड़ा हो गया। कुलपति ने दो ई-मेल के माध्यम से 118 शिक्षकों के नाम जारी किए थे।
कुलपति ने सार्वजनिक की सूची
पहले ई-मेल में 39 और दूसरे में 79 शिक्षकों ने नाम थे। इनमें से 83 शिक्षक ऐसे थे, जिनके अनुभव प्रमाण पत्र पर एमसीआई ने उंगली उठा दी थी। इसी सूची को केजीएमयू कुलपति ने सार्वजनिक कर दिया है।
माना जा रहा है कि इनमें कुछ ऐसे शिक्षक हैं, जो लगातार केजीएमयू प्रशासन की नाक में दम किए रहते हैं। कार्य परिषद इनके खिलाफ कई साल से जांच भी कर रही है लेकिन आज तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
जिन शिक्षकों के शैक्षिक अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, उन्होंने सहायक आचार्य के पद पर तैनाती पायी है। इस मामले को भी कार्य परिषद में रखने की तैयारी है।