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Lucknow News: केजीएमयू से मरीजों का डाटा लीक, दलाल कर रहे ठगी
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केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मरीजों के डाटा में सेंधमारी की जा रही है। यह डाटा बाहरी लोगों के पास पहुंच रहा है। इसका फायदा उठाकर दलाल मरीज और उनके तीमारदारों को आयुष्मान कार्ड बनवाने और मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री राहत कोष का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठग रहे हैं।
दो महीने में इस तरह की 10 शिकायतें आने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच शुरू की है। केजीएमयू में रोजाना करीब सात से आठ हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें से कई भर्ती भी किए जाते हैं। भर्ती करने के बाद कई मरीजों को आयुष्मान कार्ड बनवाने और मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री राहत कोष की जरूरत होती है। दलाल मरीजों के मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी हासिल कर उन्हें फोन कर रहे हैं और विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का लालच दे रहे हैं। फर्जी वेबसाइट के माध्यम से इसके लिए वे मेसेज और ओटीपी भी भेजते हैं। इसके एवज में पैसे वसूलते हैं।
काफी समय बाद भी जब कुछ मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिला तो उन्होंने केजीएमयू प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। इस तरह ठगी का शिकार हुए करीब 10 मरीजों ने केजीएमयू प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई है।
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तीन से चार हजार रुपये की वसूली
फिलहाल दलालों ने मरीज और उनके तीमारदारों से करीब तीन से चार हजार रुपये की वसूली की है। संभव है कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के नाम पर इससे ज्यादा की वसूली की गई हो, लेकिन अभी तक बड़ी रकम की वसूली की शिकायत नहीं आई है।
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Iमरीजों का डाटा पूरी तरह गोपनीय रहता है। यह डाटा किस तरह लीक हुआ है, इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी इसमें दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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I- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयूI
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दो महीने में इस तरह की 10 शिकायतें आने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच शुरू की है। केजीएमयू में रोजाना करीब सात से आठ हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें से कई भर्ती भी किए जाते हैं। भर्ती करने के बाद कई मरीजों को आयुष्मान कार्ड बनवाने और मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री राहत कोष की जरूरत होती है। दलाल मरीजों के मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी हासिल कर उन्हें फोन कर रहे हैं और विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का लालच दे रहे हैं। फर्जी वेबसाइट के माध्यम से इसके लिए वे मेसेज और ओटीपी भी भेजते हैं। इसके एवज में पैसे वसूलते हैं।
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काफी समय बाद भी जब कुछ मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिला तो उन्होंने केजीएमयू प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। इस तरह ठगी का शिकार हुए करीब 10 मरीजों ने केजीएमयू प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई है।
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तीन से चार हजार रुपये की वसूली
फिलहाल दलालों ने मरीज और उनके तीमारदारों से करीब तीन से चार हजार रुपये की वसूली की है। संभव है कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के नाम पर इससे ज्यादा की वसूली की गई हो, लेकिन अभी तक बड़ी रकम की वसूली की शिकायत नहीं आई है।
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Iमरीजों का डाटा पूरी तरह गोपनीय रहता है। यह डाटा किस तरह लीक हुआ है, इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी इसमें दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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I- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयूI