केजरीवाल को डर, मोदी न चुरा लें उनकी भीड़!
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प्रदेश के हर जिले में समर्थकों से सीधे रूबरू होने के लिए अरविंद केजरीवाल अब रोड शो का सहारा लेंगे।
कानपुर में दो मार्च को होने वाली रैली में भी वो दिल्ली से कानपुर रोड शो करते हुए आ सकते हैं। इसका खाका तैयार कर लिया गया है।
बस इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इसके बाद केजरीवाल की जहां-जहां रैली होगी वे एक दिन पहले सड़क मार्ग के जरिए लोगों से रूबरू होते हुए रैली स्थल तक पहुंचेंगे।
रात में वे रैली स्थल वाले जिले के नजदीक ही किसी शहर में ठहरेंगे।
पूरी तरह से चुनावी मूड में केजरी
लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली की कुर्सी त्यागने वाले आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल अब पूरी तरह से चुनावी मूड में आ गए हैं।
सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की तरह उनकी निगाह भी उत्तर प्रदेश की जनता पर टिकी है।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी दो मार्च को जब लखनऊ की जनता के सामने गरज रहे होंगे, ठीक उसी दिन कानपुर में रैली के जरिए केजरीवाल यूपी की जनता के सामने अपना दम पेश करेंगे।
ये प्रयोग सफल रहा तो उत्तर प्रदेश में होने वाली अन्य रैलियों में भी इसे लागू किया जा सकता है।
इसलिए है मोदी का डर
मोदी की रैली की वजह से कहीं लोगों का टोटा न हो जाए, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए पार्टी के अंदर कई तरह की रणनीति बन रही है।
इसी रणनीति का एक हिस्सा ये है कि अरविंद केजरीवाल सड़क मार्ग के जरिए ही दिल्ली से कानपुर तक पहुंचें।
उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थकों का काफिला भी चले। सपा की ‘साइकिल यात्रा’ और भाजपा की ‘मोदी संदेश यात्रा’ की तर्ज पर वे भी हर जिले में जनता से मुखातिब होते हुए आगे बढ़ें।
इससे एक ही दिन में वे कई जिले की जनता अथवा अपने समर्थकों से रूबरू हो सकते हैं। इसका फायदा अगले दिन दो मार्च को कानपुर में होने वाली रैली में मिल सकता है।
समर्थकों की मांग पर विचार
उत्तर प्रदेश में पार्टी की अवध जोन की संयोजक और पार्टी प्रवक्ता अरुणा सिंह का कहना है कि रोड शो करने की समर्थकों की मांग पर विचार किया गया है।
दिल्ली में वरिष्ठ नेता इस पर मंथन कर रहे हैं। यदि रोड शो हुआ तो अरविंद केजरीवाल वरिष्ठ नेताओं के साथ काफिला लेकर चलेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्यक्षेत्र में जिन जिलों से वे निकलेंगे, बड़ी संख्या में समर्थकों को भी काफिले में शामिल करने की योजना है।
दिन के समय शहरी क्षेत्रों में लगने वाले जाम की समस्या पर भी मंथन किया जा रहा है।