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फैसला केजरीवाल का, तबाह हुआ कानपुर!

Mon, 30 Mar 2015 05:01 PM IST
Updated Mon, 30 Mar 2015 05:01 PM IST
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kanpur feel unhappy with decision of arvind kejriwal

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों कई लोगों के लिए समस्या बने हुए हैं। उनकी पार्टी के कुछ नेताओं के अलावा उनका एक फैसला यूपी के कानपुर शहर पर भी भारी पड़ने वाला है। अरविंद केजरीवाल के पान मसाले को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के आदेश से शहर के पान मसाला उद्यमियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

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इसमें सबसे ज्यादा नुकसान शहर के उन तीन प्रमुख पान मसाला उद्यमियों को हुआ है, जिन्होंने हाल ही में अपने बढ़ते कारोबार के चलते अपना कारोबार दिल्ली में शिफ्ट कर लिया था। इन मसाला ब्रांड का कारोबार सालाना लगभग दो सौ करोड़ रुपये का है। इसके अलावा उन ब्रांड को भी समस्या हो रही है जिनका माल दिल्ली और उससे सटे अन्य जिलों में सप्लाई होता है।
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दो वर्ष पूर्व उत्पीड़न से त्रस्त होकर शहर के तीन प्रमुख पान मसाला ब्रांड ने अपना कारोबार दिल्ली में शिफ्ट कर लिया था। इसकी एक प्रमुख वजह उनके ब्रांड की बिक्री शहर में न होकर दिल्ली, हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में होना भी था। एक अनुमान के मुताबिक तीनों ब्रांड मिलकर सालाना लगभग दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा करीब पांच सौ लोग प्रत्यक्ष और लगभग पांच हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पा रहे थे।
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शिफ्ट हुए थे दिल्ली

kanpur feel unhappy with decision of arvind kejriwal
एक प्रमुख पान मसाला व्यवसायी ने बताया कि अब इस कारोबार में समस्याएं बहुत बढ़ गई हैं। हाल ही में एक्साइज ड्यूटी को बहुत बढ़ा दिया गया है। पूर्व में उत्पाद शुल्क विभाग कंपाउंडिंग ड्यूटी लगाने पर मशीनों की स्पीड से कोई वास्ता नहीं रखता था, लेकिन इस बार के बजट में मशीनों की स्पीड नापने के लिए भी अफसरों को लगा दिया गया है।

पूर्व में प्लास्टिक की पैकिंग पर बैन लगा दिया गया था। पान मसाले के अलावा सैकड़ों उत्पाद ऐसे हैं, जिन्हें प्लास्टिक में पैक किया जाता है लेकिन उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। ऐसे में अब एक के बाद एक राज्य पान मसाले और अन्य तंबाकू उत्पादों पर बैन लगा रहे हैं।

सरकार यदि इस प्रकार के उत्पादों को बंद ही करना चाहती है तो एक कठोर फैसला भी ले सकती है, मगर इस तरह से तिल-तिल कर मारना कहां तक उचित है। यह भी कहा कि पान मसाले से कहीं ज्यादा हानिकारक उत्पाद सिगरेट है, इसे प्लास्टिक के रैपर में भी पैक किया जाता है, परंतु सिगरेट को रोकने संबंधी कोई प्रावधान कभी नहीं किया जाता है।

मालूम हो कि दिल्ली के खाद्य संरक्षा आयुक्त केके जिंदल ने बीती 25 मार्च को गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है। यह फैसला लोगों के शरीर पर पड़ते बुरे प्रभावों को देखते हुए लिया गया है।

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