यहां 15 घंटे कैदियों को मनाते रहे अफसर, जानें क्यों
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अनौगी जिला जेल में मंगलवार देरशाम शुरू हुआ कैदियों का उपद्रव करीब 15 घंटे तक चलता रहा। कैदियों को संभालने में अफसरों के पसीने छूट गए।
कैदियों की ओर से किए पथराव में छह बंदी रक्षक जख्मी हुए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में तोड़फोड़ हुई है। जेल प्रशासन उपद्रव के दौरान हुए नुकसान का विवरण तैयार करने में जुट गया है। मौके पर पहुंचे डीआईजी जेल ने मामले की जांच पड़ताल की।
जिला जेल में मंगलवार शाम उम्रकैद की सजा भुगत रहे कैदी हरिओम तिवारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
हत्या-आत्महत्या में उलझा मामला
जेल प्रशासन आत्महत्या बता रहा था, जबकि साथी कैदी जेल प्रशासन पर हत्या कराने का आरोप लगाने लगे।
इसी बात को लेकर कैदियों एवं बंदी रक्षकों में टकराव हो गया। इसके बाद कैदी बवाल करने लगे। वे छत पर चढ़कर जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और पथराव शुरू कर दिए।
घटनाक्रम के बाद जेल गेट के बाहर डीएम अनुज कुमार झा ने बताया बंदी हरिओम तिवारी के आत्महत्या मामले की विधिवत जांच कराएंगे।
उन्होंने कैदियों को शांत कराने के लिए बल प्रयोग किए जाने से इनकार किया। बंदी रक्षक रोहित मैसी व कृष्णपाल सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।