CAA के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए AIMPLB उपाध्यक्ष कल्बे सादिक, मोदी-शाह पर दिया बयान
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भले ही सरकार देश भर में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को देखते हुए भी पीछे हटने को तैयार न हो पर ये आंदोलन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डॉ. कल्बे सादिक लखनऊ के घंटा घर में चल रहे आंदोलन में हिस्सा लेने पहुंचे।
बता दें कि कल्बे सादिक पिछले दो साल से बीमार हैं। वह व्हील चेयर पर आंदोलन में शामिल होने पहुंचे।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज देश में जो भी हो रहा है। वह बेहद दर्दनाक है। ये देश मोदी-शाह की मर्जी से नहीं, संविधान से चलेगा। कोई मोदी कोई शाह हमारा भविष्य नहीं बना सकता। उन्होंने महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आज हर घर में उजाला दिखाई दे रहा है पर घंटाघर का अंधेरा इस सरकार को नहीं दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी काला कानून है इसे वापस लिया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में चढ़ा एकता का रंग, मुशायरे में गूंजी देशभक्ति
इसके पहले, घंटाघर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में गुरुवार को एकता व भाईचारे का रंग और चटख हो गया। यहां सिख समुदाय के लोगों ने भी पहुंच कर विरोध जताया और संविधान रक्षा के लिए अरदास की। सिख समुदाय के प्रतपाल सिंह, ज्ञानी जोगेंदर सिंह, भाई वीर सिंह, इंदरपाल सिंह, वीएम सिंह, जसप्रीत कौर, सरबजीत कौर ने कहा कि संविधान बचाने के लिए सभी हिंदुस्तानियों को सड़क पर उतरना चाहिए। प्रदर्शकारियों ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई और केक काटा। शायरों ने महफिल सजाकर देशभक्ति के तराने गाए। उधर गोमतीनगर में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
120 मीटर लंबे बैनर पर पैरों की छाप बनाकर जताया विरोध
अरीशा सादिक, खतीजा और अकबर सादिक ने 120 मीटर लंबे बैनर पर कदमों के निशान बनाकर उस पर नो सीएए, बायकाट एनआरसी लिख विरोध दर्ज कराया। नौवीं कक्षा से लेकर स्नातक तक की छात्राओं की मेहनत से बना बैनर प्रदर्शन स्थल पर लगाया गया है।