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कैसरगंज सीट: करण को पिछले साल कुर्सी सौंपना चाहते थे बृजभूषण, फरवरी में बनाया था यूपी कुश्ती संघ का अध्यक्ष
Fri, 03 May 2024 06:47 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, गोंडा
अमर उजाला संवाद, गोंडा
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 03 May 2024 06:47 AM IST
सार
Kaiserganj seat: भाजपा ने कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काटकर उनके बेटे करन भूषण को टिकट दिया है। करण इसी फरवरी में यूपी कुश्ती संघ के अध्यक्ष बनाए गए थे।
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कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक साल पहले ही अपनी कुर्सी अपने चहेते व छोटे बेटे करण भूषण को सौंपने का ताना बाना बुन चुके थे। वह करण भूषण को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष बनाना चाहते थे। महासंघ के नियमों के अनुसार एक व्यक्ति सिर्फ तीन बार या अधिकतम 12 वर्ष तक ही महासंघ का अध्यक्ष रह सकता है।
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बृजभूषण शरण सिंह का अधिकतम 12 वर्ष का कार्यकाल 2023 में पूरा होने के पहले अपने बेटे की ताजपोशी करना चाह रहे थे। जिसके लिए उन्होंने अपने ही कार्यकाल में करनभूषण सिंह को डब्ल्यूएफआई का उपाध्यक्ष बना दिया था। लेकिन ऐन वक्त पर महिला पहलवानों ने आरोप लगाकर उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया। यहां तक कि महिला पहलवानों ने बृजभूषण के परिवार के किसी सदस्य का नाम डब्ल्यूएफआई के मतदाता सूची में होने पर भी ऐतराज जताया था। जिसके चलते उनके बेटे करणभूषण सिंह और दामाद विशाल सिंह का नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था। अब भाजपा के टिकट पर यदि वह बाजी मारने में कामयाब होते हैं तो उन्हें पिता की राजनीतिक विरासत संजोने का अवसर मिलेगा।
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फरवरी में यूपी कुश्ती संघ अध्यक्ष बने थे करण
करण भूषण सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। विगत 11 फरवरी को नवाबगंज के नंदिनीनगर में यूपी रेसलिंग एसोसिएशन की वार्षिक साधारण सभा की बैठक में नई कमेटी की चुनावी प्रक्रिया पूरी हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के बृजभूषण की कुर्सी पर करण भूषण सिंह काबिज हुए थे। पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पूर्व न्यायाधीश व ओलंपिक तथा डब्ल्यूएफआई के नामित वरिष्ठ सदस्यों की देखरेख में संपन्न हुई थी। खेल नियमों के अनुसार भारतीय कुश्ती संघ की कुर्सी हांसिल करने के लिए राज्य कुश्ती संघ का सदस्य या पदाधिकारी होना जरूरी होता है।
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पिता की भांति खेलों में रखते बेहद रुचि
सांसद बृजभूषण शरण सिंह की भांति करण भूषण सिंह भी खेलों में बेहद रुचि रखते हैं। वह डबल ट्रैप शूटिंग में नेशनल स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल, कुश्ती व बैडमिंटन में बड़े-बड़ों को पटखनी दे चुके हैं। करण ने राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की है। उनकी पत्नी नेहा सिंह नवाबगंज के इंदिरापुरवा पब्लिक स्कूल की प्रबंधक है तथा उनकी 11 वर्ष की बेटी कामाक्षी सिंह तथा नौ वर्ष का बेटा अमर्थय भूषण सिंह है।
करन को टिकट, बृजभूषण का सम्मान- जयराम
कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने ब्रजभूषण के बेटे करनभूषण को टिकट देने पर तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हम सोच रहे थे कि प्रज्जवल रेवन्ना स्कैंडल ने भाजपा की चरित्रहीनता के सबसे निचले स्तर को उजागर किया है। अब उन्होंने कई महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को सम्मानित करते हुए उनके बेटे को टिकट दिया है। यह एक ऐसी पार्टी है, जिसमें थोड़ी भी नौतिकता नहीं है। इसका नेतृत्व एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में है, जिसका मकसद सिर्फ सत्ता है। चाहे इसके लिए किसी भी हद तक क्यों न गिरना पड़े।