अब ज्योति की डायरी दिलाएगी पीयूष और उसकी गर्लफ्रेंड को सजा
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ज्योति की हत्या के बाद उसके घर से मिली डायरी (आत्मकथा) खुद ज्योति ने ही लिखी थी। फोरेंसिक लैब लखनऊ में हैंड राइटिंग मिलाने की जांच पूरी हो गई है।
सूत्रों की मानें तो आत्मकथा और नमूने के तौर पर ली गई नोट बुक की लिखावट मेल खा गई है। इससे अब हत्यारोपी पति पीयूष और उसकी महिला मित्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ज्योति की हत्या के बाद स्वरूप नगर पुलिस को उसके पांडु नगर स्थित घर की छानबीन में ज्योति के कमरे से डायरी मिली थी। इसमें ज्योति के वैवाहिक जीवन और पति पीयूष की कारगुजारियों का जिक्र था।
अपरोक्ष रूप से पीयूष और मनीषा माखीजा के संबंधों के बारे में लिखा था। इसके बाद पुलिस टीम ने ज्योति के मायके जबलपुर जाकर उसकी हस्तलिखित एक नोट बुक हासिल की थी।
एक साल में पूरी हुई जांच
नोट बुक और बरामद डायरी को स्टेट फोरेंसिक लैब में हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास जांच के लिए भेजा था। एक साल बाद हैंड राइटिंग एक्सपर्ट ने जांच पूरी की। रिपोर्ट भी शहर पुलिस को भेज दी है लेकिन यह कहां है, यह किसी को पता नही हैं।
इधर, फोरेंसिक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ज्योति की हैंडराइटिंग का मिलान हो गया है। नोट बुक और डायरी की लिखावट एक है।
बता दें कि पिछले दिनों लखनऊ में प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी की बैठक में आईजी आशुतोष पांडेय ने हैंड राइटिंग रिपोर्ट के बारे में सवाल उठाया था। शुक्रवार को फोरेंसिक लैब के डायरेक्टर ने आईजी को बताया था कि ज्योति की हैंड राइटिंग की रिपोर्ट शहर पुलिस को भेजी गई है।
पर, अभी तक स्थानीय पुलिस रिपोर्ट को नहीं ढूंढ सकी है। पुलिस का कहना है कि सोमवार को स्वरूप नगर थाने से विशेष संदेशवाहक को रिपोर्ट की कॉपी लेने के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
इधर, स्वरूप नगर इंस्पेक्टर कमल यादव ने इस मामले की रिपोर्ट के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है।