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जस्टिस ठाकुर बोले, दुनिया की सबसे खूबसूरत बिल्डिंग है लखनऊ का हाईकोर्ट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:12 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान सीजेआई टीएस ठाकुर
- फोटो : Amar Ujala
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हाईकोर्ट के 150वें स्थापना वर्ष में लखनऊ में शनिवार को हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस टीएस ठाकुर ने इंसाफ मिलने में देरी पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का नया भवन करदाताओं और जनता की गाढ़ी कमाई से बना है। नया भवन बनने से लोगों की इंसाफ पाने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसे जल्द से जल्द न्याय दिलाएं। उन्होंने जजों व वकीलों से उम्मीद जताई कि वे पूरी शिद्दत, मेहनत और ईमानदारी से जनता को इंसाफ दिलाने में जुटेंगे।
एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस ठाकुर ने कहा कि अब यह नहीं कह सकते कि यहां जज बनने के काबिल वकील हैं, लेकिन कोर्ट रूम कम हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 66 साल से बार रूम नहीं था। उन्होंने दो सप्ताह पहले ही रिकॉर्ड रूम के एक हिस्से को खाली कराकर बार रूम बनवाया है। उन्होंने लखनऊ की हाईकोर्ट बिल्डिंग की तारीफ करते हुए इसे दुनिया की सबसे खूबसूरत बिल्डिंग बताया।
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यहां इस बिल्डिंग में जितना विशाल बार रूम है, वैसा देश में कहीं नहीं हैं। इस बिल्डिंग पर 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत आई है। यह धन आम आदमी का है, उस आम आदमी का जो जल्द से जल्द न्याय चाहता है। इसलिए जल्द न्याय की उसकी उम्मीदों पर हमें खरा उतरना होगा।
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उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का नया भवन करदाताओं और जनता की गाढ़ी कमाई से बना है। नया भवन बनने से लोगों की इंसाफ पाने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसे जल्द से जल्द न्याय दिलाएं। उन्होंने जजों व वकीलों से उम्मीद जताई कि वे पूरी शिद्दत, मेहनत और ईमानदारी से जनता को इंसाफ दिलाने में जुटेंगे।
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एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस ठाकुर ने कहा कि अब यह नहीं कह सकते कि यहां जज बनने के काबिल वकील हैं, लेकिन कोर्ट रूम कम हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 66 साल से बार रूम नहीं था। उन्होंने दो सप्ताह पहले ही रिकॉर्ड रूम के एक हिस्से को खाली कराकर बार रूम बनवाया है। उन्होंने लखनऊ की हाईकोर्ट बिल्डिंग की तारीफ करते हुए इसे दुनिया की सबसे खूबसूरत बिल्डिंग बताया।
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यहां इस बिल्डिंग में जितना विशाल बार रूम है, वैसा देश में कहीं नहीं हैं। इस बिल्डिंग पर 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत आई है। यह धन आम आदमी का है, उस आम आदमी का जो जल्द से जल्द न्याय चाहता है। इसलिए जल्द न्याय की उसकी उम्मीदों पर हमें खरा उतरना होगा।
... इतने फैसले करें कि गर्व कर सकें
सीजेआई ठाकुर को पसंद आया भवन
- फोटो : Amar Ujala
जस्टिस ठाकुर ने कहा कि हाईकोर्ट के 150वें साल में नई बिल्डिंग बनी है। इस साल कुछ खास होना चाहिए। जब डेढ़ सौ साला आयोजनों का समापन हो तो कह सकें कि हमने इतने हजार या इतने लाख फैसले किए हैं।
सिरदर्द, पेटदर्द छोड़ें, दोनों पक्ष राजी तो गर्मियों में भी हो सुनवाई
बड़ी संख्या में लंबित मुकदमों की चुनौती को रेखांकित करते हुए जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि अक्सर मुकदमों में एक पक्ष जल्द सुनवाई के लिए जोर देता है तो दूसरा पक्ष गैरहाजिर रहता है।
कभी उनके सिरदर्द होता है तभी पेट दर्द। उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टियां आ रही हैं। यदि दोनों पक्ष के वकील केस का जल्द निपटारा करने के लिए बहस को तैयार हों तो मैं छुट्टियों में सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व जज साहिबान से आग्रह करूंगा।
दुनिया की सबसे खूबसूरत न्यायिक बिल्डिंग बताया
जस्टिस ठाकुर ने राजधानी में हाईकोर्ट की इस नई इमारत को दुनिया की सबसे खूबसूरत न्यायिक बिल्डिंग बताया। कहा, मैं मुल्क के बाहर जाता हूं तो अदालतों को देखते जरूर जाता हूं।
इग्लैंड की रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस देखी, वाशिंगटन में अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट देखा। अपने सुप्रीम कोर्ट को ही ले लीजिए, लेकिन ऐसी खूबसूरत इमारत मुल्क के बाहर भी नहीं हैं। चुटकी ली, काश ये बिल्डिंग दिल्ली में होती।
सिरदर्द, पेटदर्द छोड़ें, दोनों पक्ष राजी तो गर्मियों में भी हो सुनवाई
बड़ी संख्या में लंबित मुकदमों की चुनौती को रेखांकित करते हुए जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि अक्सर मुकदमों में एक पक्ष जल्द सुनवाई के लिए जोर देता है तो दूसरा पक्ष गैरहाजिर रहता है।
कभी उनके सिरदर्द होता है तभी पेट दर्द। उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टियां आ रही हैं। यदि दोनों पक्ष के वकील केस का जल्द निपटारा करने के लिए बहस को तैयार हों तो मैं छुट्टियों में सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व जज साहिबान से आग्रह करूंगा।
दुनिया की सबसे खूबसूरत न्यायिक बिल्डिंग बताया
जस्टिस ठाकुर ने राजधानी में हाईकोर्ट की इस नई इमारत को दुनिया की सबसे खूबसूरत न्यायिक बिल्डिंग बताया। कहा, मैं मुल्क के बाहर जाता हूं तो अदालतों को देखते जरूर जाता हूं।
इग्लैंड की रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस देखी, वाशिंगटन में अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट देखा। अपने सुप्रीम कोर्ट को ही ले लीजिए, लेकिन ऐसी खूबसूरत इमारत मुल्क के बाहर भी नहीं हैं। चुटकी ली, काश ये बिल्डिंग दिल्ली में होती।