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Raebareli: अपराधियों के लिए नया ठिकाना बनी रायबरेली की आईटीआई कॉलोनी, यहीं रची गई थी सराफा डकैती कांड की साजिश
Thu, 17 Oct 2024 11:50 AM IST
ishwar ashish
धर्मेश त्रिवेदी, अमर उजाला, लखनऊ
धर्मेश त्रिवेदी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 17 Oct 2024 11:50 AM IST
सार
रायबरेली की आईटीआई फैक्टरी जो कि कभी अपने काम के लिए जानी जाती थी अब अपराधियों का ठिकाना बन गई है। इसका खुलासा पुलिस सत्यापन में हुआ है।
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रायबरेली में आईटीआई कॉलोनी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र की आईटीआई फैक्टरी का नाम कभी देश-प्रदेश में अपने कार्य के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह फैक्टरी अपराधियों के रहने के लिए सबसे मुफीद ठिकाना बन गई है। हकीकत ये है कि अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम पर एलॉट आवासों पर बाहरी लोगों का कब्जा है। इसमें 100 से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिन्हें किराए पर आवास तो दे दिए गए, लेकिन जांच तक नहीं की गई। पुलिस को आशंका है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग यहां रहकर रायबरेली के अलावा पड़ोसी जनपदों में घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
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दरअसल, एक समय था कि आईटीआई फैक्टरी में दो से ढाई हजार लोग काम करते थे। मौजूदा समय में आईटीआई फैक्टरी संचालित है, लेकिन काम करने वालों की संख्या 250 तक सीमित रह गई है। अधिकारियों व कर्मचारियों के रहने के लिए आईटीआई कॉलोनी में 1200 आवास हैं। आईटीआई फैक्टरी में चोरी की बढ़ती घटनाएं और बड़े अपराधियों के रहने की जानकारी होने पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।
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एसपी के निर्देश पर मिल एरिया पुलिस ने आईटीआई कॉलोनी में रहने वाले लोगों के सत्यापन का कार्य शुरू किया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस अब तक 676 आवासों का सत्यापन कर चुकी है। सत्यापन के दौरान पुलिस ने पाया कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम आवास एलॉट हैं, वह यहां पर रहते ही नहीं। उन्होंने आवासों को किराए पर दे रखा है।
खास बात ये है कि आवास किराए पर देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों ने लोगों की पड़ताल तक नहीं किया कि वह कहां के रहने वाले हैं। यहां पर रहने का उनका मकसद क्या है। पुलिस के सत्यापन में खुलासा हुआ है कि 100 से ज्यादा लोग बाहरी हैं, जो किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। पुलिस किराए पर रहने वाले लोगों के नाम पते के साथ उनके आपराधिक इतिहास व गतिविधियों की जांच कर रही है।
आईटीआई कॉलोनी में ही रची गई थी सराफ डकैती कांड की साजिश
सुल्तानपुर सराफ डकैती कांड की साजिश आईटीआई कॉलोनी के कमरा नंबर 404 में रची गई थी। डकैती कांड का मास्टरमाइंड विपिन सिंह ने किराए पर कमरा लेकर साथियों के साथ यहीं पर एक माह तक रहकर पहले घटना की साजिश रची थी। यहीं से सराफा व्यवसायी की रैकी की थी। पुलिस ने आईटीआई कॉलोनी से सराफ से लूटा गया सोना बरामद किया था।
अमेठी में शिक्षक, उसकी पत्नी समेत चार लोगों की हत्या का आरोपी चंदन वर्मा का भी आईटीआई कॉलोनी आना जाना था। कई असलहा तस्करों के भी आईटीआई कॉलोनी में रहने की जानकारी सामने आई है। बीते दिन आईटीआई कॉलोनी में हुई चोरी घटनाओं का खुलासा अब तक नहीं हो सका है।
सीओ सदर अमित सिंह का कहना है कि आईटीआई कॉलोनी के 1200 में से 676 आवासों का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापन में अधिकारियों, कर्मचारियों के बजाय दूसरे लोगों के रहने की बात सामने आई है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।