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Lucknow News: छात्रों को साइबर सुरक्षा व डिजिटल फोरेंसिक का बनाएगा विशेषज्ञ

Fri, 28 Aug 2026 02:37 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:37 AM IST
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It will make students experts in cybersecurity and digital forensics.
एकेटीयू व साइबर क्राइम मुख्यालय में एमओयू
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) और साइबर क्राइम, पुलिस मुख्यालय के बीच बृहस्पतिवार को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास, शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया गया। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्रों को साइबर सुरक्षा की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना है।
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साथ ही इनोवेशन हब के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम शाखा के लिए नवाचार आधारित तकनीकी समाधान विकसित करने में सहयोग करना है। एमओयू का आदान-प्रदान एकेटीयू की ओर से केशव सिंह निदेशक इनोवेशन हब यूपी तथा साइबर क्राइम शाखा के राजेश कुमार एसपी साइबर क्राइम ने किया। इस दौरान सीईओ इनोवेशन हब डॉ. महीप सिंह भी उपस्थित थे।
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सहयोग का प्रमुख फोकस साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित करने में संयुक्त रूप से कार्य करना होगा। प्रस्तावित सेंटर के माध्यम से छात्रों को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल फॉरेंसिक और संबंधित उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव देने के लिए कार्य किया जाएगा। साइबर अपराध चुनौतियों को समझकर उन पर प्रोजेक्ट और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के अवसर भी छात्रों को मिलेंगे।
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केशव सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय अपने शोध निष्कर्ष, तकनीकी संसाधन और अकादमिक विशेषज्ञता साझा करेगा। जबकि साइबर क्राइम मुख्यालय की ओर से छात्रों व शोधकर्ताओं को फील्ड स्तर की चुनौतियों, साइबर अपराध जांच और डिजिटल फॉरेंसिक से जुड़ी व्यावहारिक समझ उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।


एमओयू में विवि के छात्रों के लिए इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। इससे विद्यार्थी साइबर अपराध की रोकथाम एवं जांच से संबंधित वास्तविक समस्याओं पर काम कर सकेंगे। साइबर क्राइम शाखा को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों द्वारा विकसित नई तकनीकों, प्रोटोटाइप और समाधान का लाभ मिल सकेगा। यह एमओयू पांच साल के लिए किया गया है।
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