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Lucknow News: एक फैसला और बच गईं पांच जिंदगियां

Fri, 28 Aug 2026 02:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:33 AM IST
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One decision, and five lives were saved
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बाएं से आनंद सिंह, डॉ. अनुराग मिश्रा, कुलदीप सिंह, डॉ. अंशुमान श
लखनऊ। दोपहर तक जिस जगह बैठकर कैलाश यात्रा से लौटे पांच यात्री भोजन कर रहे थे। कुछ ही घंटे बाद वही इलाका भीषण जल प्रलय की चपेट में आ गया। दल के कुछ साथी वहीं रुककर आराम करना चाहते थे लेकिन काठमांडू से फ्लाइट पकड़ने की बात कहकर डॉ. आशुतोष गुप्ता ने आगे बढ़ने का फैसला किया। काठमांडू पहुंचने के बाद जब पीछे छूटे इलाके में तबाही की खबर मिली तो सभी सिहर उठे। साथियों के मुंह से एक ही बात निकली- अगर वहां रुक जाते तो शायद अपने वतन नहीं लौट पाते।
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अटल कालोनी, इंदिरानगर निवासी आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता 13 अगस्त को दूसरी बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रवाना हुए थे। उनके साथ लखनऊ के डॉ. अनुराग मिश्रा, डॉ. अंशुमान शुक्ला, कुलदीप सिंह और आनंद सिंह भी थे। पवित्र मानसरोवर के दर्शन और कैलाश पर्वत की परिक्रमा पूरी करने के बाद दल वापसी के लिए निकला।
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डॉ. गुप्ता ने बताया कि चीन के गैरोंग पोर्ट स्थित इमिग्रेशन पॉइंट पर प्रक्रिया पूरी करने के बाद दल रसुवा पहुंचा। वहां दोपहर का भोजन किया। यात्रा की थकान के कारण कुछ साथी वहीं रुककर विश्राम करना चाहते थे। इसी बीच उन्होंने कहा कि काठमांडू से फ्लाइट पकड़नी है, इसलिए काठमांडू पहुंचकर ही आराम किया जाएगा। इसके बाद पूरा दल आगे रवाना हो गया।
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काठमांडू पहुंचकर होटल में पहुंचते ही उन्हें पीछे छूटे इलाके में जल प्रलय की खबर मिली। जिस रास्ते और क्षेत्र से वे कुछ घंटे पहले ही निकले थे, वहां तबाही मच चुकी थी। यह सुनते ही सभी के चेहरे पर खौफ साफ नजर आने लगा। साथियों ने कहा कि यदि उस समय रुकने का फैसला कर लिया होता तो शायद सुरक्षित अपने घर नहीं पहुंच पाते। डॉ. गुप्ता ने पिछले वर्ष भी लिपूलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर की यात्रा की थी। इस बार कैलाश के दर्शन के साथ नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से कुछ घंटे पहले सुरक्षित निकल आने का अनुभव उनके जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में शामिल हो गया।


घर लौटने पर परिजन, शुभचिंतकों ने किया स्वागत
27 अगस्त को सकुशल लखनऊ लौटे डॉ. गुप्ता का परिवार के लोगों व रिश्तेदारों ने पुष्पहार, तिलक-वंदन और भोलेनाथ के जयकारों के साथ स्वागत किया। इस मौके पर राम मोहन गुप्त, नवीन कुमार गुप्ता, सरिता गुप्ता, श्रुति गुप्ता, मलिका गुप्ता और अक्षर सहाय मौजूद रहे।
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