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Lucknow News: एप डाउनलोड कराकर हैक किया मोबाइल, 10 लाख निकाले
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लखनऊ। साइबर जालसाजों ने देविका को मालवेयर सॉफ्टवेयर का एप डाउनलोड कराकर उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़िता के भाई प्रमन नारायण ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रमन ने बताया कि 18 जून को बहन के पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोन कर्ता ने खुद को महानगर गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया। उसने गैस का बिल बाकी होने की बात कही। बिल जमा न करने पर कनेक्शन कटने की बात कही। बिल जमा करने के ठग ने मोबाइल पर एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक करते ही एक एप डाउनलोड हो गई। ठगी का अंदेशा होते ही बहन ने एप हटा दी, मगर 20 जून को मोबाइल हैक हो गया। अचानक कई ओटीपी आने पर बहन ने खाता फ्रीज कराने के लिए बैंक में फोन किया मगर तब तक बैंक बंद हो चुका था। ठग ने बहन के खाते में मीरा नाम का अकाउंट जोड़ दिया। उसने बहन के खाते से 10 लाख रुपये निकाले और मीरा के खाते में डाल दिए। बहन का मोबाइल 22 जून तक हैक रहा। 26 जून को स्टेटमेंट देखने पर बहन को धन निकासी की जानकारी हुई। उन्होंने कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, मगर हो नहीं सकी। ऐसे में 26 अगस्त को वह साइबर क्राइम थाने पहुंचे और तहरीर दी। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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प्रमन ने बताया कि 18 जून को बहन के पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोन कर्ता ने खुद को महानगर गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया। उसने गैस का बिल बाकी होने की बात कही। बिल जमा न करने पर कनेक्शन कटने की बात कही। बिल जमा करने के ठग ने मोबाइल पर एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक करते ही एक एप डाउनलोड हो गई। ठगी का अंदेशा होते ही बहन ने एप हटा दी, मगर 20 जून को मोबाइल हैक हो गया। अचानक कई ओटीपी आने पर बहन ने खाता फ्रीज कराने के लिए बैंक में फोन किया मगर तब तक बैंक बंद हो चुका था। ठग ने बहन के खाते में मीरा नाम का अकाउंट जोड़ दिया। उसने बहन के खाते से 10 लाख रुपये निकाले और मीरा के खाते में डाल दिए। बहन का मोबाइल 22 जून तक हैक रहा। 26 जून को स्टेटमेंट देखने पर बहन को धन निकासी की जानकारी हुई। उन्होंने कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, मगर हो नहीं सकी। ऐसे में 26 अगस्त को वह साइबर क्राइम थाने पहुंचे और तहरीर दी। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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