फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Irregular periods can also harm the heart

Lucknow News: माहवारी की अनियमितता से भी दिल को पहुंचती है चोट

Tue, 16 Jun 2026 02:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
Irregular periods can also harm the heart
लखनऊ। किशोरियों और महिलाओं में आम बीमारी बन चुकी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (पीसीओडी) यानी माहवारी की अनियमितता सिर्फ प्रजनन क्षमता या गर्भधारण तक सीमित नहीं रह गई है। चिकित्सकों के अनुसार, यह महिलाओं के दिल पर चोट भी कर रही है। यह शरीर के सभी हार्मोन और मेटाबॉलिक सिस्टम को प्रभावित करती है। इसका उदाहरण केजीएमयू के हृदय रोग विभाग में आने वाले मामले हैं।
विज्ञापन


विभागाध्यक्ष डॉ. ऋषि सेठी बताते हैं कि हर महीने पांच से छह हृदय रोग के मामले ऐसे होते हैं जिनमें यह बीमारी देखने को मिलती है। इसमें 30-40 उम्र की महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। केजीएमयू की प्रसूति एवं स्त्री कैंसर रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल बताती हैं कि ओपीडी में हर दिन करीब दस प्रतिशत मामले इसी बीमारी के देखने को मिल रहे हैं। किशोरियों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इससे पूरी जिंदगी चलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, यहां तक दिल की बीमारियों का भी खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। कई अध्ययन में सामने आया है कि इससे सिर्फ गर्भ से संबंधित बीमारियां ही नहीं बढ़तीं, बल्कि दिल पर भी असर पड़ता है।
विज्ञापन



वहीं, केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल भी बताती हैं कि कई अध्ययन में सामने आया कि पीसीओडी से सिर्फ गर्भ से संबंधित बीमारियां ही नहीं बढ़ती, बल्कि दिल पर भी असर पड़ता है। इसी वजह हाल ही में इसका नाम बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) कर दिया गया है। ओपीडी में हर दिन करीब दस प्रतिशत मामले इसी के देखने को मिल रहे हैं। किशोरियों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इससे पूरी जिंदगी चलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, यहां तक दिल की बीमारियों का भी खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए बढ़ता है हृदय रोग का खतरा
डॉ. ऋषि सेठी बताते हैं कि उच्च रक्तचाप, शुगर और अत्यधिक वसा हृदय की बीमारियों की मुख्य वजहें हैं। पीएमओएस की वजह से ये तीनों कारक मरीजों में देखने को मिलते हैं जिससे हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। भविष्य में इसके अधिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।


बढ़ता है बच्चेदानी के कैंसर का खतरा
स्त्री एवं कैंसर रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निशा सिंह बताती हैं कि पीएमओएस बच्चेदानी के कैंसर की मुख्य वजहों में से एक है। अक्सर बच्चेदानी के कैंसर पीड़ितों में यह बीमारी देखने को मिलती है।


इलाज से अधिक जरूरी सही खानपान और जीवन शैली
डॉ. अंजू अग्रवाल के मुताबिक, पीएमओएस की मुख्य वजह है खराब खानपान और जीवन शैली। इसमें सुधार लाए बिना सिर्फ इलाज कराने से कुछ नहीं होगा। यह जरूरी है कि हर दिन सभी रंग की सब्जियों का सेवन करें। साथ ही रोजाना योग, व्यायाम के साथ और नींद पूरी करें।

इन लक्षणों को नहीं करें नजरअंदाज
माहवारी बहुत देर से आना या साल में 8 से कम बार आना।
अचानक बहुत अधिक रक्तस्राव होना।
चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आना।
बहुत अधिक मुंहासे और तैलीय त्वचा।
वजन और रक्त में शुगर लेवल बढ़ना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed