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Loksabha Election 2024: भाजपा के लिए निवेश और रोजगार बनेंगे मिशन 2024 के हथियार
Sun, 12 Feb 2023 10:11 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 12 Feb 2023 10:11 AM IST
सार
भाजपा सभी जिलों में इन्वेस्टर्स समिट के जरिए युवाओं को जोड़ने और माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेले लगाकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए मिलने वाला निवेश और रोजगार मोदी-योगी सरकार के लिए मिशन 2024 में बड़े हथियार बनेंगे। लोकसभा चुनाव से ठीक एक वर्ष पहले हुई समिट में रिकॉर्ड 32.92 लाख करोड़ के निवेश और 92 लाख से अधिक लोगों को रोजगार का दावा कर सरकार ने न सिर्फ प्रदेश के एमएसएमई और पारंपरिक उद्योग से जुड़े बड़े वर्ग को साधने की कोशिश की है, बल्कि रोजगार के जरिए युवाओं को भी साधने की कोशिश की है।
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प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों व एमएसएमई के विकास की संभावना को समझते हुए योगी सरकार ने 2018 में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट कराई थी। इसके बाद ओडीओपी योजना लागू कर जिले तक पहुंच बनाई। फिर पारंपरिक उद्योगों से जुड़े लोगों और जातियों को जोड़ा। इसके बाद इन्हें विस्तार देते हुए इस बार सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की। सभी 75 जिलों में एक साथ समिट आयोजित कराकर सांसदों की मौजूदगी में निवेशकों ने जिलों में भी बड़े पैमाने पर एमओयू किए। एमएसएमई में 1.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश मिलने की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सर्वाधिक निवेश के एमओयू हुए हैं। सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में रोजगार मेले लगाकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी तैयारी की है।
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विपक्ष को घेरने और युवाओं को साधने की रणनीति
लोकसभा चुनाव 2024 के लिहाज से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भाजपा सरकार और संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। उद्घाटन सत्र में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने समिट को चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत दिए। राजनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले यूपी में निवेश को वेस्ट समझा जाता है अब बेस्ट समझा जाता है। छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर उद्योगों को रोका जाता था। समझाया, नेतृत्व बदलने से किस तरह देश-प्रदेश का परिदृश्य बदला है।
पीएम मोदी ने कहा कि लोग कहते थे यूपी का विकास होना मुश्किल है, कानून व्यवस्था सुधरना नामुमकिन है। यूपी बीमारू राज्य कहलाता था। आए दिन करोड़ों के घोटाले होते थे। लेकिन सिर्फ छह साल में यूपी ने अपनी नई पहचान बना ली। इसके जरिए जहां विपक्ष को घेरने की रणनीति है, वहीं उद्यमियों, व्यापारियों और युवाओं को भी साधने की तैयारी है। जानकारों का कहना है कि समिट की पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी लोकसभा चुनाव के पहले किया जाएगा। इसमें करीब पांच लाख करोड़ से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारकर और युवाओं को रोजगार दिलाने का दावा कर भाजपा चुनाव मैदान में उतरेगी और मिशन 80 को पाने का प्रयास करेगी।
सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे निवेशक
पीएम मोदी ने 2023-24 के बजट में अपनी सात प्राथमिकताओं में ग्रीन ग्रोथ को भी शामिल किया है। समिट के दौरान दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और एन. चंद्रशेखरन ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की बात की। तीनों ने यूपी की अर्थव्यवस्था को दस खरब डॉलर बनाने में भी सहयोग का भरोसा दिया। वहीं अंबानी ने लक्ष्मणपुरी, प्रभु श्रीराम की धरती और नदियों के संगम का जिक्र किया। एन.चंद्रेशखरन ने प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक शहरों में पर्यटन विकास में सहयोग का भरोसा दिलाया। इससे स्पष्ट है कि निवेशक सरकार के एजेेंडे को आगे बढ़ाएंगे।