फर्जी बैंक गारंटी पर 600 करोड़ का ठेका, होगी जांच
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हैदराबाद, तेलंगाना की ब्लैक लिस्ट कंपनी ‘वैरिगेट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के द्वारा 180 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी से 600 करोड़ रुपये का ठेका हथियाने की धोखाधड़ी के बाद मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान विद्युतीकरण के 1000 करोड़ रुपये के ठेकों की बैंक गारंटी पर जांच बैठा दी है।
यानी सात कंपनियों के द्वारा करीब 150 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी के दस्तावेजों की गहन छानबीन होगी। इसके लिए दो मुख्य अभियंता के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया है।
‘अमर उजाला ’ ने गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाई) के ठेके की बंदरबांट एवं वैरिगेट कंपनी की धोखाधड़ी का खुलासा किया। शासन ने इस खुलासे को संज्ञान में लेकर विद्युतीकरण कार्य में लगी अन्य कंपनियों के बैंक गारंटी की जांच करने का निर्देश दिया।
नए सिरे से कराई जाएगी जांच
आरजीजीवीवाई के अधिशासी अभियंता एके चौरसिया के मुताबिक वैरिगेट कंपनी की बैंक गारंटी फर्जी पाए जाने पर अन्य कंपनियों की बैंक गारंटी की नये सिरे से जांच कराई जाएगी।
मुख्य अभियंता डीके गर्ग एवं राजकुमार अग्रवाल के नेतृत्व में बैंक गारंटी की जांच कराई जाएगी। जांच के तहत बैंक गारंटी को नगदीकृत करने के लिए जारी बैंक को भेजा जाएगा।
इनकी भी होगी जांच
जिला----कंपनी
लखनऊ----ज्योति स्ट्रैक्चर
रायबरेली----तेज पावर सिस्टम
सीतापुर----जैक्सन, ज्योति स्ट्रैक्चर
पीलीभीत----ज्योति बिल्ट
बदायूं----तेज पॉवर सिस्टम
बरेली----आरके इंडस्ट्रीज
फैजाबाद----जैक्सन
श्रावस्ती----जैक्सन
‘वैरिगेट’ पर पुलिस केस दर्ज
मध्यांचल निगम को 180 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देने वाली कंपनी पर धोखाधड़ी का पुलिस केस बृहस्पतिवार को हजरतगंज कोतवाली में दर्ज हो गया है।
निगम के प्रबंध निदेशक शमीम अहमद ने बताया कि पुलिस अपने स्तर से जांच कराएगी और निगम कंपनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू करेगी।
एसई के निलंबन की सिफारिश
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने वैरिगेट कंपनी के 180 करोड़ रुपये के फर्जी बैंक गारंटी की जांच करने वाले अधीक्षण अभियंता (एसई) डीके सक्सेना के निलंबन की सिफारिश कर दी है।
मध्यांचल निगम ने इस एसई सहित अन्य अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।