खुलासा: देश भर में फैले हैं पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट
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एटीएस के हत्थे चढ़े आईएसआई एजेंट जमालुद्दीन की निशानदेही पर 7 लाख रुपये से अधिक के जाली नोट बरामद किए गए। उससे पूछताछ में सामने आया कि देश के विभिन्न स्थानों पर आईएसआई के एजेंट फैले हैं।
उन्हें हवाला या वेस्टर्न यूनियन के जरिये रकम भेजकर देशद्रोही गतिविधियों का संचालन कराया जा रहा है। पाकिस्तान के साथ ही साउथ अफ्रीका व यूएई से जमालुद्दीन के तार जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
उसने राजस्थान के पोकरण में पटवारी की नौकरी कर रहे रिटायर्ड फौजी गोरधन सिंह को जाल में फंसाकर सेना की जमीन के राज आईएसआई को भेजे थे। इसके एवज में गोरधन को रकम दी गई थी। एटीएस और सीआईडी राजस्थान की टीम ने मंगलवार को गाजीपुर से जमालुद्दीन को गिरफ्तार किया था।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि गाजीपुर जिले के करमहरी रसूलपुर नेवादा निवासी आईएसआई एजेंट जमालुद्दीन को बुधवार को प्रभारी विशेष सीजेएम रजनीश कुमार मिश्रा के समक्ष पेश किया गया।
पोकरण में सेना की जमीन से जुड़े राज आईएसआई को पहुंचाने के मामले में राजस्थान सीआईडी की टीम ने उसे जयपुर ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी। कोर्ट की इजाजत पर उसे दो दिन के ट्रांजिट रिमांड पर कड़ी सुरक्षा में जयपुर रवाना किया गया है।
कड़ियां जोड़कर पकड़ा गया आईएसआई एजेंट
एसएसपी एटीएस राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सेना की जमीन के राज आईएसआई को बेचने के आरोप में 27 दिसंबर 15 को गिरफ्तार रिटायर्ड फौजी व पटवारी गोरधन सिंह से पूछताछ में अहम जानकारी मिली।
बैंक खातों की छानबीन में पता चला कि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर की मीरगंज चौक इलाहाबाद शाखा से उसके खाते में रकम जमा हुई थी। अलग-अलग नाम की तीन जमा पर्चियों पर फर्जी मोबाइल नंबर थे।
पर्चियों पर लिखावट एक ही व्यक्ति की थी। तहकीकात में जमालुद्दीन का नाम मालूम हुआ। वह इलाहाबाद के क्राउन पैलेस होटल में नौकरी करता था और अब वाराणसी के एक होटल में मैनेजर था।
छानबीन में पता चला कि पाकिस्तान के विभिन्न नंबरों से जमालुद्दीन की बात होती है। उसकी आईडी से वेस्टर्न यूनियन से छह बार में शारजाह से 1 लाख 45 हजार 629 रुपये जमा किए गए। जमालुद्दीन की साउथ अफ्रीका यात्रा की जानकारी भी मिली।
खंगाला जा रहा फोन डाटा
आईजी एटीएस ने बताया कि जमालुद्दीन के फोन का डाटा खंगाला जा रहा है कि उसे पैसे कौन भेजता था और टारगेट के खाते में रकम जमा करने के आदेश कौन देता था। देश के अन्य स्थानों पर सक्रिय आईएसआई एजेंटों को पकड़ने की कोशिश के साथ ही विदेश में बैठकर गतिविधियों का संचालन कर रहे आईएसआई के लोगों का पता लगाया जा रहा है।