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यूपी में आठ जिलों के 217 थानों का इंटरनेट कनेक्शन कटा, तीन दिन के हंगामे के बाद जुड़े कनेक्शन
Sun, 15 Sep 2019 11:04 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 15 Sep 2019 11:04 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश के आठ जिलों के थानों और पुलिस कार्यालयों का इंटरनेट कनेक्शन नान पेमेंट में कट गया। हंगामा मचा तो आनन फानन में बकाया बिल का भुगतान किया गया और तीन दिन बाद भुगतान क्लीयर हुआ, जिसके बाद कटे हुए इंटरनेटर कनेक्शन जोड़े जा सके।
एडीजी तकनीकी सेवा असीम अरुण ने बताया कि सीसीटीएनएस परियोजना के तहत प्रदेश भर में पुलिस थाने और अन्य पुलिस के कार्यालयों में लगभग 2400 इंटरनेट कनेक्शन है जिसका भुगतान हर तीन महीने पर होता है।
कई बार कनेक्टिविटी फेल रहने केबाद भी बीएसएनएल द्वारा उसका बिल भेज दिया जाता है। पत्राचार के बाद बिल को संशोधित होता है और फिर उसका ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान कर दिया जाता है।
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फिलहाल मौजूदा बिल लगभग 80 लाख था, जिसके भुगतान ट्रेजरी में सोमवार को ही लगा दिया गया था, जहां छुट्टियों व अन्य कारणों से भुगतान नहीं हो सका था। शनिवार को भुगतान होने केबाद सभी आठ जिलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने लगी थी।
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एडीजी तकनीकी सेवा असीम अरुण ने बताया कि सीसीटीएनएस परियोजना के तहत प्रदेश भर में पुलिस थाने और अन्य पुलिस के कार्यालयों में लगभग 2400 इंटरनेट कनेक्शन है जिसका भुगतान हर तीन महीने पर होता है।
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कई बार कनेक्टिविटी फेल रहने केबाद भी बीएसएनएल द्वारा उसका बिल भेज दिया जाता है। पत्राचार के बाद बिल को संशोधित होता है और फिर उसका ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान कर दिया जाता है।
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फिलहाल मौजूदा बिल लगभग 80 लाख था, जिसके भुगतान ट्रेजरी में सोमवार को ही लगा दिया गया था, जहां छुट्टियों व अन्य कारणों से भुगतान नहीं हो सका था। शनिवार को भुगतान होने केबाद सभी आठ जिलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने लगी थी।
इन जिलों में बाधित हो गई थी थानों की इंटरनेट सेवा
सूत्रों की मानें तो प्रदेश के आठ जिलों में इंटरनेट कनेक्शन का भुगतान न होने केकारण इंटरनेट सेवा निष्क्रिय कर दी गई थी। इसमें राजधानी लखनऊ के अलावा बाराबंकी, कानपुर नगर, कानपुर देहात, महोबा, अलीगढ़, बुलंदशहर और सोनभद्र जिला शामिल है। इन जिलों में 217 थानों व डेढ़ दर्जन पुलिस कार्यालयों में इंटरनेट सेवा बाधित रही। इस दौरान आफलाइन एफआईआर ही हो रही थी।
बीएसएनएल की कनेक्टिविटी से परेशान पुलिस अब ले सकती है निजी आपरेटर की सेवा
बीएसएनएल की कनेक्टिविटी की रोज-रोज की किच-किच से नाराज पुलिस महकमा अब नए आपरेटर की तलाश कर रहा है। पुलिस महकमे में लगभग 2400 कनेक्शन के लिए पुलिस विभाग का बीएसएनएल के साथ करार बीते मार्च माह में ही समाप्त हो चुका है।
नए आपरेटर के चयन में हो रही देरी की वजह से सरकार ने बीएसएनएल की सेवाओं को जारी रखा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि नए आपरेटर के लिए तकनीकी सेवा ने निविदाएं आमंत्रित की हैं।
बीएसएनएल की कनेक्टिविटी से परेशान पुलिस अब ले सकती है निजी आपरेटर की सेवा
बीएसएनएल की कनेक्टिविटी की रोज-रोज की किच-किच से नाराज पुलिस महकमा अब नए आपरेटर की तलाश कर रहा है। पुलिस महकमे में लगभग 2400 कनेक्शन के लिए पुलिस विभाग का बीएसएनएल के साथ करार बीते मार्च माह में ही समाप्त हो चुका है।
नए आपरेटर के चयन में हो रही देरी की वजह से सरकार ने बीएसएनएल की सेवाओं को जारी रखा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि नए आपरेटर के लिए तकनीकी सेवा ने निविदाएं आमंत्रित की हैं।
बीएसएनएल अभी तक 512 केबीपीएस की ही स्पीड उपलब्ध करा रहा है जिससे डेटा सिंक होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब इस स्पीड को 10 एमबीपीएस तक कराने के लिए नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं जिसमें आवेदन के लिए निजी आपरेटर को शामिल किया गया है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही थानों पर इंटरनेट सर्विस की स्पीड 20 गुना तक बढ़ जाएगी।