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इंस्पायर अवाॅर्ड : पहली बार जूनियर विद्यालयों से भेजे गए 1800 आवेदन
Mon, 30 Sep 2024 08:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 30 Sep 2024 08:30 PM IST
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लखनऊ। राजधानी में संचालित कक्षा छह से आठ तक के बेसिक शिक्षा विभाग के जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1800 बच्चों ने पहली बार अपने वैज्ञानिक नवाचारी आइडिया केंद्र सरकार को भेजे हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय केंद्र सरकार की योजना के तहत संचालित इंस्पायर अवाॅर्ड योजना के अंतर्गत हुए आवेदनों में जिन बच्चों का चयन होगा उनके खाते में 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इससे बच्चे वैज्ञानिक नवाचार कर सकेंगे। अभी तक 10वीं और 12वीं तक चलने वाले माध्यमिक स्कूल-कॉलेजों से बच्चों के आवेदन कराए जाते थे, लेकिन पहली बार बेसिक और संस्कृत, केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों से भी बच्चों के आवेदन कराए गए हैं।
बच्चों के बैंक खाते न होना है समस्या
जूनियर विद्यालयों में ज्यादातर बच्चों के बैंक खाते नहीं है। ऐसे में इस योजना में वे शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस बारे में प्रधानाध्यापकों ने बताया कि बच्चों का खाता खुलने में दो से तीन दिनों का समय लगा जाता है, नहीं तो अब तक और आवेदन हुए होते। बिना खाते के आवेदन स्वीकार नहीं होता है। अभी समय बाकी है, इसलिए आवेदनों की संख्या बढ़ेगी।
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15 अक्तूबर तक का समय
लक्ष्य है कि प्रत्येक विद्यालय से पांच आवेदन के हिसाब से ढाई हजार बच्चों के आवेदन हो जाएं, अभी 15 अक्तूबर तक समय है, हम यह लक्ष्य पूरा करने में सफल होंगे। सभी बीईओ को आदेश जारी कर बच्चों के आवेदन लगातार कराने के लिए कहा है।
- राम प्रवेश, बीएसए
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय केंद्र सरकार की योजना के तहत संचालित इंस्पायर अवाॅर्ड योजना के अंतर्गत हुए आवेदनों में जिन बच्चों का चयन होगा उनके खाते में 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इससे बच्चे वैज्ञानिक नवाचार कर सकेंगे। अभी तक 10वीं और 12वीं तक चलने वाले माध्यमिक स्कूल-कॉलेजों से बच्चों के आवेदन कराए जाते थे, लेकिन पहली बार बेसिक और संस्कृत, केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों से भी बच्चों के आवेदन कराए गए हैं।
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बच्चों के बैंक खाते न होना है समस्या
जूनियर विद्यालयों में ज्यादातर बच्चों के बैंक खाते नहीं है। ऐसे में इस योजना में वे शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस बारे में प्रधानाध्यापकों ने बताया कि बच्चों का खाता खुलने में दो से तीन दिनों का समय लगा जाता है, नहीं तो अब तक और आवेदन हुए होते। बिना खाते के आवेदन स्वीकार नहीं होता है। अभी समय बाकी है, इसलिए आवेदनों की संख्या बढ़ेगी।
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15 अक्तूबर तक का समय
लक्ष्य है कि प्रत्येक विद्यालय से पांच आवेदन के हिसाब से ढाई हजार बच्चों के आवेदन हो जाएं, अभी 15 अक्तूबर तक समय है, हम यह लक्ष्य पूरा करने में सफल होंगे। सभी बीईओ को आदेश जारी कर बच्चों के आवेदन लगातार कराने के लिए कहा है।
- राम प्रवेश, बीएसए