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दरोगा ने कांस्टेबल पत्नी से झगड़ने के बाद खुद को मारी गोली, मौत
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Tue, 11 Jul 2017 07:38 PM IST
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राहुल (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में गाजीपुर इलाके की पुलिस के मुताबिक, मुलायम नगर में रहने वाले दरोगा राहुल पांडेय का कांस्टेबल पत्नी से दो घंटे झगड़ा हुआ था। इससे नाराज दरोगा ने घर के अंदर तोड़फोड़ की और सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली दरोगा के नाभि के पास लगकर कमर के निचले हिस्से से पार होने की पुष्टि हुई। उधर, पोस्टमार्टम के बाद एसआई का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इंस्पेक्टर गाजीपुर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि मूलरूप से रानीगंज प्रतापगढ़ निवासी एसआई राहुल पांडेय 2016 बैच के मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती फैजाबाद की कैंट कोतवाली में थी।
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चार से आठ जुलाई तक बाराबंकी में आयोजित दिल्ली पुलिस की भर्ती के शारीरिक दक्षता परीक्षा में तैनाती थी। आठ जुलाई को बाराबंकी से उनकी रवानगी हो गई। इसके बाद राहुल लखनऊ घर आए।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली दरोगा के नाभि के पास लगकर कमर के निचले हिस्से से पार होने की पुष्टि हुई। उधर, पोस्टमार्टम के बाद एसआई का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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इंस्पेक्टर गाजीपुर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि मूलरूप से रानीगंज प्रतापगढ़ निवासी एसआई राहुल पांडेय 2016 बैच के मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती फैजाबाद की कैंट कोतवाली में थी।
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चार से आठ जुलाई तक बाराबंकी में आयोजित दिल्ली पुलिस की भर्ती के शारीरिक दक्षता परीक्षा में तैनाती थी। आठ जुलाई को बाराबंकी से उनकी रवानगी हो गई। इसके बाद राहुल लखनऊ घर आए।
सर्विस रिवॉल्वर से किए तीन फायर
कारतूस
- फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर के मुताबिक, रविवार रात नौ बजे एसआई राहुल घर में बीयर की कैन व सिगरेट लेकर पहुंचे। पत्नी ने मना किया तो दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि एसआई ने घर में रखी पांच डायनिंग चेयर तोड़ डालीं।
गुस्साए राहुल ने झगड़े के दौरान ही सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली। नशे में धुत राहुल ने पहले दो फायर फर्श पर किए। इसके बाद कुर्सी पर बैठे ही तीसरी गोली पेट पर मार ली।
गोली नाभि से हुई कमर के निचले हिस्से से पार हो गई। पुलिस ने वारदात स्थल से तीन खोखे, तीन कारतूस, दीवान के नीचे से सर्विस रिवॉल्वर, डायनिंग टेबल से बीयर की खुली कैन, सिगरेट के टोटे व डिब्बा बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
एसआई राहुल की शादी 2008 में कांस्टेबल प्रतिमा से हुई। प्रतिमा की तैनाती गाजीपुर थाने में है। दोनों के आठ साल की बेटी आराध्या और चार साल का बेटा ओम है।
गुस्साए राहुल ने झगड़े के दौरान ही सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली। नशे में धुत राहुल ने पहले दो फायर फर्श पर किए। इसके बाद कुर्सी पर बैठे ही तीसरी गोली पेट पर मार ली।
गोली नाभि से हुई कमर के निचले हिस्से से पार हो गई। पुलिस ने वारदात स्थल से तीन खोखे, तीन कारतूस, दीवान के नीचे से सर्विस रिवॉल्वर, डायनिंग टेबल से बीयर की खुली कैन, सिगरेट के टोटे व डिब्बा बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
एसआई राहुल की शादी 2008 में कांस्टेबल प्रतिमा से हुई। प्रतिमा की तैनाती गाजीपुर थाने में है। दोनों के आठ साल की बेटी आराध्या और चार साल का बेटा ओम है।
दो महीने पहले लिया था नया घर
झगड़े के बाद टूटा पड़ा फर्नीचर
- फोटो : amar ujala
रविवार को जब रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ तो दोनों मासूम सहम गए। भागकर दूसरे कमरे में दुबक गए। मां-बाप के झगड़े के कारण मासूमों ने रात का खाना तक नहीं खाया।
उनके हिस्से का खाना प्लेट में लगा किचन में रखा था। देर रात ढाई बजे बच्चों के चेहरे पर पिता के गुस्से का खौफ साफ झलक रहा था। वह चुपचाप कमरे में कोने में पड़े रहे।
राहुल के बड़े भाई विकास ने बताया कि उनका पुश्तैनी मकान इंदिरानगर सेक्टर सी में है। पिता डिप्टी एसएपी थे। इस दौरान उनकी मौत हो गई। मां के कहने पर उन्होंने नौकरी राहुल के लिए छोड़ दी।
परिवार में बंटवारा हुआ। पुश्तैनी मकान बेच दिया गया। उसके रुपये का भी बंटवारा कर लिया। इसके बाद राहुल ने मुलायम नगर में नया मकान खरीदा। वहीं, विकास भी सी ब्लॉक में ही मकान खरीदकर रहने लगे। दो महीने पहले राहुल नए घर में रहने आ गए।
उनके हिस्से का खाना प्लेट में लगा किचन में रखा था। देर रात ढाई बजे बच्चों के चेहरे पर पिता के गुस्से का खौफ साफ झलक रहा था। वह चुपचाप कमरे में कोने में पड़े रहे।
राहुल के बड़े भाई विकास ने बताया कि उनका पुश्तैनी मकान इंदिरानगर सेक्टर सी में है। पिता डिप्टी एसएपी थे। इस दौरान उनकी मौत हो गई। मां के कहने पर उन्होंने नौकरी राहुल के लिए छोड़ दी।
परिवार में बंटवारा हुआ। पुश्तैनी मकान बेच दिया गया। उसके रुपये का भी बंटवारा कर लिया। इसके बाद राहुल ने मुलायम नगर में नया मकान खरीदा। वहीं, विकास भी सी ब्लॉक में ही मकान खरीदकर रहने लगे। दो महीने पहले राहुल नए घर में रहने आ गए।