{"_id":"5a701b934f1c1b91268b7304","slug":"innovation-festival-in-lucknow-science-city","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बच्चों ने बनाई हवा से चलने वाली ऐसी बाइक, पढ़कर रह जाएंगे दंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों ने बनाई हवा से चलने वाली ऐसी बाइक, पढ़कर रह जाएंगे दंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:57 PM IST
विज्ञापन
हवा से चलने वाली बाइक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कबाड़ से बना वैक्यूम क्लीनर हो या हवा से चलने वाली बाइक। ऐसे तमाम इनोवेशन सोमवार को साइंस सिटी अलीगंज में देखने को मिले। तीन दिवसीय इनोवेशन फेस्टिवल में ऐसे अनूठे आविष्कारों को प्रदर्शनी में रखा गया है।
प्रदर्शनी सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चलेगी। फेस्टिवल का उद्घाटन एलयू के पीवीसी प्रो. यूएन द्विवेदी ने किया। करीब 50 इनोवेशन प्रदर्शित किए गए हैं।
एलयू के भौतिक विभाग के प्रो. एमएम वर्मा ने प्रो. द्विवेदी के साथ एयर-ओ-बाइक, यूनिवर्सल ब्रिक्स, आदमी के बाल से बनी खाद, मैनुअल वाशिंग मशीन, एयर स्क्रबर, ब्लाइंड स्टिक, जूतों से मोबाइल चार्ज करने वाला चार्जर, सोलर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल आदि की सराहना की।
विज्ञापन
प्रदर्शनी सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चलेगी। फेस्टिवल का उद्घाटन एलयू के पीवीसी प्रो. यूएन द्विवेदी ने किया। करीब 50 इनोवेशन प्रदर्शित किए गए हैं।
एलयू के भौतिक विभाग के प्रो. एमएम वर्मा ने प्रो. द्विवेदी के साथ एयर-ओ-बाइक, यूनिवर्सल ब्रिक्स, आदमी के बाल से बनी खाद, मैनुअल वाशिंग मशीन, एयर स्क्रबर, ब्लाइंड स्टिक, जूतों से मोबाइल चार्ज करने वाला चार्जर, सोलर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल आदि की सराहना की।
विज्ञापन
उपयोगी है वैक्यूम क्लीनर
प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. राज मेहरोत्रा भी मौजूद रहे। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज के बच्चों ने ऐसी बाइक बनाई है जो हवा से चलती है। एयर ओ बाइक में एक छोटा सिलेंडर लगा है, उसमें हवा भरवाकर एक बार में 40 किमी तक चला सकते हैं। बाइक 60किमी/घंटे की रफ्तार से चल सकती है।
लखनऊ के राजकीय इंटर कालेज के बच्चों ने मिलकर वैक्यूम क्लीनर बनाया है। इसे कबाड़ का सामान उपयोग कर बनाया गया है। इसे बनाने में कोई खर्च नहीं आएगा। इसे बैटरी से चलाया जा सकता है।
जूतों से रात में रोशनीः पायनियर मांटेसरी के क्षितिज तिवारी ने इलेक्ट्रिक शूज बनाए हैं। यह रात में काम करने वाले वाचमैन और ट्रैफिक पुलिस के लिए उपयोगी है। इसमें लगी बैटरी चलने से रिचार्ज होगी।
लखनऊ के राजकीय इंटर कालेज के बच्चों ने मिलकर वैक्यूम क्लीनर बनाया है। इसे कबाड़ का सामान उपयोग कर बनाया गया है। इसे बनाने में कोई खर्च नहीं आएगा। इसे बैटरी से चलाया जा सकता है।
जूतों से रात में रोशनीः पायनियर मांटेसरी के क्षितिज तिवारी ने इलेक्ट्रिक शूज बनाए हैं। यह रात में काम करने वाले वाचमैन और ट्रैफिक पुलिस के लिए उपयोगी है। इसमें लगी बैटरी चलने से रिचार्ज होगी।