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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में संक्रमण दर शहर से दोगुनी
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केजीएमयू में तेजी से संक्रमित हो रहा स्टाफ। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में संक्रमण दर शहर से करीब दोगुनी है। पिछले सप्ताह संस्थान में कुल मिलाकर दो हजार से ज्यादा नमूने लिए गए।
इनमें से 350 से ज्यादा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि शहर में 25 हजार सैंपल रोज लिए जा रहे हैं। इनमें से औसतन 2500 रोजाना संक्रमित निकल रहे हैं।
लिए गए नमूनों के अनुसार, संस्थान में संक्रमण दर जहां 18 फीसदी है। वहीं, राजधानी में यह 10 फीसदी के आसपास है।
ट्रॉमा में संक्रमण दर अधिक होने से जहां इलाज पर संकट पैदा हो रहा है तो दूसरी ओर होल्डिंग एरिया पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। इससे बाकी स्टाफ पर लोड बढ़ता जा रहा है।
ट्रॉमा सेंटर में इस समय औसतन 250 मरीज प्रदेश भर से लाये जाते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज सड़क दुर्घटना वाले होते हैं।
ट्रॉमा सेंटर में सामान्य उपचार के बाद वार्ड में शिफ्ट करने से पहले उनका कोविड टेस्ट भी किया जाता है। संक्रमित मिलने पर उनको अलग रखा जाता है। साथ ही ट्रॉमा के डॉक्टर, रेजीडेंट और कर्मचारियों का भी नियमित रूप से टेस्ट किया जाता है।
एक नजर संक्रमण दर पर
तारीख सैंपल संक्रमित संक्रमण दर
1 दिसंबर 6000 2 .03
15 दिसंबर 8000 4 .05
31 दिसंबर 12000 49 .40
10 जनवरी 18000 1114 6.18
12 जनवरी 20000 2181 10.90
16 जनवरी 25000 2392 9.56
प्राथमिकता पर दिया जा रहा इलाज
ट्रॉमा में इलाज के साथ संक्रमण के प्रसार पर भी रोक लगाने का प्रयास किया जाता है। पिछले सप्ताह मरीजों के संग काफी स्टाफ भी संक्रमित हो गया था। उनके स्थान पर अन्य कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। संक्रमण को रोकने के साथ इलाज भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।
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- प्रो. संदीप तिवारी, ट्रॉमा सेंटर अधीक्षक
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इनमें से 350 से ज्यादा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि शहर में 25 हजार सैंपल रोज लिए जा रहे हैं। इनमें से औसतन 2500 रोजाना संक्रमित निकल रहे हैं।
लिए गए नमूनों के अनुसार, संस्थान में संक्रमण दर जहां 18 फीसदी है। वहीं, राजधानी में यह 10 फीसदी के आसपास है।
ट्रॉमा में संक्रमण दर अधिक होने से जहां इलाज पर संकट पैदा हो रहा है तो दूसरी ओर होल्डिंग एरिया पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। इससे बाकी स्टाफ पर लोड बढ़ता जा रहा है।
ट्रॉमा सेंटर में इस समय औसतन 250 मरीज प्रदेश भर से लाये जाते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज सड़क दुर्घटना वाले होते हैं।
ट्रॉमा सेंटर में सामान्य उपचार के बाद वार्ड में शिफ्ट करने से पहले उनका कोविड टेस्ट भी किया जाता है। संक्रमित मिलने पर उनको अलग रखा जाता है। साथ ही ट्रॉमा के डॉक्टर, रेजीडेंट और कर्मचारियों का भी नियमित रूप से टेस्ट किया जाता है।
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एक नजर संक्रमण दर पर
तारीख सैंपल संक्रमित संक्रमण दर
1 दिसंबर 6000 2 .03
15 दिसंबर 8000 4 .05
31 दिसंबर 12000 49 .40
10 जनवरी 18000 1114 6.18
12 जनवरी 20000 2181 10.90
16 जनवरी 25000 2392 9.56
प्राथमिकता पर दिया जा रहा इलाज
ट्रॉमा में इलाज के साथ संक्रमण के प्रसार पर भी रोक लगाने का प्रयास किया जाता है। पिछले सप्ताह मरीजों के संग काफी स्टाफ भी संक्रमित हो गया था। उनके स्थान पर अन्य कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। संक्रमण को रोकने के साथ इलाज भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।
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- प्रो. संदीप तिवारी, ट्रॉमा सेंटर अधीक्षक