फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   infection prevention protocol will be implemented in private and government hospitals in uttar pradesh

यूपीः निजी व सरकारी अस्पतालों में लागू होगा इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल

Sat, 25 Apr 2020 09:42 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 25 Apr 2020 09:42 PM IST
विज्ञापन
infection prevention protocol will be implemented in private and government hospitals in uttar pradesh
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के निजी व सरकारी अस्पतालों के माध्यम से फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। अस्पतालों में इमरजेंसी के माध्यम से आने वाले मरीजों से संक्रमण फैलने के कारण यह फैसला लिया गया है।

विज्ञापन


जिलों में एसीएमओ के नेतृत्व में बनी टीम इस पर नजर रखेगी। प्रत्येक अस्पताल को भी अपनी-अपनी इंफेक्शन प्रिवेंशन कमेटी बनानी होगी। जिससे मरीजों की स्क्रीनिंग हो सके और कोरोना संदिग्ध होने पर उसे समय से आइसोलेट किया जा सके। 
विज्ञापन


प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पतालों के माध्यम से फैलने वाले संक्रमण पर चिंता जताते हुए इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें जिलों में एसीएमओ के नेतृत्व में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस टीम में आईएमए का एक सदस्य, अन्य डॉक्टर, डब्लूएचओ, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के जिले के अधिकारी शामिल होंगे। बॉयो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर भी ध्यान रखा जाएगा। यह टीम इमरजेंसी सेवाएं देने वाले अस्पतालों की स्क्रीनिंग करेगी। वहां संक्रमण फैलने के कारणों को रोकने के लिए दिशा-निर्देश देगी। 

इसके अलावा अस्पतालों के स्टाफ को कोविड-19 संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जरूरी प्रशिक्षण देगी। प्रमुख सचिव ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों की कोविड-19 संक्रमण नियंत्रण से संबंधित प्रशिक्षण हो चुका है।

साथ ही निजी अस्पतालों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रशिक्षण दिया गया है। अब इन्हें ऑन साइट प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे उन्हें दोबारा जरूरी दिशा-निर्देश दिया जा सके। एसीएमओ की कमेटी अस्पतालों में इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल के प्रबंधन पर भी नजर रखेगी। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण फैलने की शुरुआत से ही डब्लूएचओ, यूनिसेफ और बिल मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन पूरे अभियान में मदद दे रहा है। 90 से 95 फीसदी मामले हॉटस्पॉट से ही अपर प्रमुख सचिव गृह व सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि जो भी नए कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से 90 से 95 फीसदी हॉटस्पॉट से ही सामने आ रहे हैं। इसीलिए हॉटस्पॉट के अंदर कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हॉटस्पॉट से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के कारण ही मरीज बढ़ रहे हैं। 

प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में 1778 कोरोना वायरस पॉजिटिव संख्या हो गई है। इनमें से 101 नए केस हैं और 1504 एक्टिव केस हैं। कुल 248 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। जबकि 26 मरीजों की मौत हुई है। बीते 24 घंटे में 4115 सैंपल की जांच की गई है। जबकि 3719 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। प्रदेश के 18 जिले ऐसे हैं जहां अभी तक संक्रमण नहीं पहुंचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed