डिफेंस कॉरीडोर में निवेश के लिए आगे आए यूक्रेन, अमेरिका समेत कई देशों के उद्योगपति
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से डिफेंस एक्सपो में स्थापित यूपी पवेलियन के उद्योग बंधु हॉल में यूक्रेन, यूएसआईबीसी और एसआईडीएम के बिजनेस डेलिगेट्स ने मुलाकात की। सभी प्रतिनिधियों ने यूपी में स्थापित किए जा रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
एविएशन और एयरोस्पेस के क्षेत्र में कार्यरत यूक्रेन की तितान एविएशन एंड एयरोस्पेस लिमिटेड के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई यूक्रेन के राजदूत डॉ. इगोर ने की। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात हिंदी में रखते हुए कहा कि वे उत्तर लखनऊ में वर्ष 1990 से आते रहे हैं। यहां पर असीमित संभावनाएं मौजूद हैं। यूक्रेन उत्तर प्रदेश के साथ सफल साझेदारी चाहता है।
तितान एविएशन एंड एयरोस्पेस के निदेशक के गिरि कुमार ने कहा कि उनकी कंपनी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत झांसी नोड में निवेश की इच्छुक है। अपनी इकाई दो साल में स्थापित कर चालू करना चाहती है। इसमें हवाई जहाज के पुर्जों के साथ-साथ जहाजों का निर्माण भी किया जाएगा। झांसी में डिफेंस पार्क भी स्थापित करने की इच्छुक है। इस पार्क में हेलिकॉप्टर और संबंधित पुर्जों के निर्माण की इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
निवेश मित्र पोर्टल की स्थापना
मुख्यमंत्री ने यूपी में उपलब्ध ढांचागत सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में कुशल श्रम शक्ति भी मौजूद है। यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) के प्रतिनिधिमंडल ने भी निवेश की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पुराने औद्योगिक संबंध हैं। उद्यमियों की सुविधा के लिए निवेश मित्र पोर्टल की स्थापना की गई है।
इसके माध्यम से उद्योगपति सभी सुविधाएं एक ही स्थान से पा सकते हैं। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादों के निर्माण का हब बन सकता है। वाराणसी में मल्टीमोडल टर्मिनल स्थापित किया जा चुका है। उन्होंने यूएसआईबीसी के प्रतिनिधिमंडल को निवेश के लिए आमंत्रित किया। कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और फार्मा सहित अन्य सेक्टरों में भी निवेश किया जा सकता है।
शिक्षा में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां के जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड करने की पॉलिसी शीघ्र ही लाई जाएगी। जिन जिलों में विश्वविद्यालय नहीं मौजूद हैं, वहां इनकी स्थापना की जाएगी।
जताई निवेश की इच्छा
फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउसिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में असीमित संभावनाएं मौजूद हैं। एमएसएमई और ओडीओपी में भी अपार संभावनाएं हैं। यूएसआईबीसी की प्रेसिडेंट निशा बिस्वाल ने कहा कि अमेरिका के उद्योगपति भारत में सप्लाई चेन की स्थापना के लिए कार्य करना चाहते हैं। यूएसआईबीसी के एक अन्य सदस्य ने अपनी कंपनी जैकब्स इंजीनियरिंग की ओर से निवेश में रुचि दिखाई।
एक अन्य बैठक में सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग (एसआईडीएम) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जी से मिलकर निवेश की इच्छा जताई। बता दें कि एसआईडीएम नॉलेज पार्टनर के रूप में यूपीडा से जुड़ा है।
भेंट के दौरान तीनों प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने ओडीओपी उत्पाद भेंट किए। यूक्रेन के राजदूत ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह के रूप में गदा भेंट की। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह और यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल भी मौजूद रहे।
महीने के अंत तक क्लियर कर दिए जाएंगे एमओयू
यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि प्रदेश से 2 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 2 फ्रेट कॉरिडोर और 1 वाटर-वे गुजरते हैं। रक्षा उत्पादन से जुड़ी सर्वाधिक इकाइयां हमारे राज्य में हैं। इनमें 9 ऑर्डिनेंस फैक्टरी और एचएएल की 3 इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के संबंध में डिफेंस एक्सपो-2020 के दौरान हस्ताक्षरित होने वाले एमओयू को इस माह के अंत तक क्लियर कर दिया जाएगा।