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मॉरीशस के अप्रवासी घाट से भारत का अटूट रिश्ताः राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Mon, 04 Nov 2019 03:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 04 Nov 2019 03:14 PM IST
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India has unbreakable relationship with the apravasi ghat of Mauritius
अप्रवासी घाट पर श्रद्धासुमन अर्पित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मॉरीशस में भारतीय गिरमिटिया मजदूरों के प्रथम आगमन की 185वीं जयंती पर कहा कि पोर्ट लुई स्थित अप्रवासी घाट से भारत का अटूट रिश्ता है। हिंद महासागर तट पर स्थित पोर्ट लुई का यह अप्रवासी घाट भारतीयों की अनकही पीड़ा और शोषण के उस उपनिवेशवाद के युग की याद दिलाता है जो हमारे पूर्वजों ने यहां भोगा।

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कठिन जीवन बिताया और अपने खून-पसीने से इस धरती को सींचा व पल्लवित किया। राज्यपाल शनिवार को पोर्ट लुई में इस घाट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में बोल रही थीं। उन्होंने अप्रवासी घाट पर पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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राज्यपाल ने कहा कि 2 नवंबर 1834 को ही अंग्रेजों ने मॉरीशस में खेती के लिए भारत से गिरमिटिया मजदूरों को यहां भेजा था।

अप्रवासी घाट हमारे लोगों के खून और पसीने के अटूट बंधन का एक स्मारक है। ज्वालामुखी की चट्टान से बने घाट की सीढ़ियां हमें याद दिलाती हैं कि हमारे लाखों पूर्वजों को हिंद महासागर पार कर यहां कैसे लाया गया और उनके प्रियजनों को कठोर व कष्टदायी जीवन भोगने के लिए पीछे ही छोड़ दिया गया। महात्मा गांधी भी करीब 110 वर्ष पहले दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटते समय दो सप्ताह मॉरीशस में रुके थे।

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भारतीयों के साहस व परिश्रम का प्रमाण है मॉरीशस

India has unbreakable relationship with the apravasi ghat of Mauritius
आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला

राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेजों ने भारतीयों को औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था की सेवा करने के लिए जबरन अज्ञात भूमि पर भेज दिया था। लेकिन उन महान लोगों ने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से अपनी गोद ली हुई मातृभूमि मॉरीशस के आर्थिक विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी अगली पीढ़ियों के जीवन को बदल दिया। मॉरीशस भारतीयों के साहस और परिश्रम को प्रमाणित करता है। अप्रवासी घाट पर आयोजित समारोह से युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों के अतीत के बारे में जानेगी।

मॉरीशस के साथ आगे भी बढ़ेगी साझेदारी
राज्यपाल ने कहा कि भारत को अपनी विकास यात्रा में मॉरीशस के लोगों और सरकारों के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है। यह साझेदारी आगे भी बढ़ेगी। मॉरीशस और भारत के लोग हमेशा रिश्तेदारी और दोस्ती के अपने मजबूत संबंधों को बनाए रखेंगे।

इस अवसर पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जगन्नाथ,  उप प्रधानमंत्री इवान कोलेंडेवेलो, सेवानिवृत्त मंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ, उप प्रधानमंत्री फाजिला ड्यूरेवो, कला और संस्कृति मंत्री पृथ्वीराज सिंह रूप, अध्यक्ष अप्रवासी घाट ट्रस्ट फंड धर्म यश देव धुनि मौजूद थे।

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