Independence Day: विधानभवन में सीएम योगी ने फहराया झंडा, बोले- देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित विधानभवन में ध्वजारोहण किया। समारोह में पहली बार राष्ट्रगीत का गायन हुआ और विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने शहीदों और पदक विजेताओं के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने का संदेश दिया।
विस्तार
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को पूरा उत्तर प्रदेश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानभवन में ध्वजारोहण किया। समारोह में पहली बार राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन हुआ, इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। हेलीकॉप्टर से विधानभवन परिसर में पुष्पवर्षा भी की गई।
ध्वजारोहण के बाद कलाकारों ने बुंदेलखंड, ब्रज और पूर्वांचल के लोकगीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और अरुणाचल प्रदेश से आए कलाकारों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने शहीदों और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित जवानों के परिजनों को सम्मानित किया।
भगवा पगड़ी में नजर आए योगी
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवा पगड़ी में नजर आए। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक धोती-कुर्ता पहने दिखे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर भी ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को अराजकता और अशिक्षा से मुक्त करने के लिए देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश में गरीब, युवा, महिला और किसान चार प्रमुख वर्ग हैं और इनके लिए काम करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।
तिरंगे से सजा पूरा प्रदेश
स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशभर में घरों, दुकानों और सरकारी-गैर सरकारी इमारतों पर तिरंगा लहराता नजर आया। चौराहों और सरकारी कार्यालयों को तिरंगे से सजाया गया। जगह-जगह ध्वजारोहण और देशभक्ति के कार्यक्रम हुए। आगरा में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकाली, जबकि वाराणसी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर तिरंगा स्वरूप में सजाया गया।
योगी बोले- 4 करोड़ से ज्यादा रोजगार का सृजन हुआ
सीएम योगी ने कहा- सुशासन के मॉडल का प्रभाव है कि प्रदेश को पिछले 9 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्ट मिला है। 4 करोड़ से ज्यादा रोजगार का सृजन हुआ। बड़े उद्योगों की संख्या ढाई गुना बढ़ी। 22 हजार से ज्यादा स्टार्टअप भी हो गए हैं। 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इंसेफ्लाइटिस जैसी संचारी बीमारियों को खत्म कर दिया गया है। स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट 19 फीसदी से घटकर केवल 3 फीसदी बचा है। पिछले 9 साल में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को उचित मानदेय दिया है।
देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना ही था रणबांकुरों का ध्येय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में आज ही के दिन भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई। हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में स्वाधीनता का अहसास कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों, बलिदानियों के त्याग, तपस्या व बलिदान का परिणाम है।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: Flower petals were showered from a helicopter over the Legislative Assembly today on the occasion of the 80th Independence Day. pic.twitter.com/UquWmF9oZz
— ANI (@ANI) August 15, 2026
देश अंतरविरोधों व षडयंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन इसने मन-मस्तिष्क से गुलामी को कभी स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में गुलामी के खिलाफ अलग-अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का महत्वपूर्ण पड़ाव था, जब बैरकपुर में मंगल पांडेय, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, मेरठ में धनसिंह कोतवाल आदि रणबांकुरों के नेतृत्व में हर गांव, जनपद, प्रांत में स्वाधीनता की लौ जलती दिखाई दे रही थी। उस समय सभी के मन में एक ही भाव था कि हमें देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।
परिवर्तनों के परिणाम भी दिख रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने जो अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता थी, उसमें से बहुत सारी समस्याओं का पिछले 8 दशक में समाधान हुआ है। इसी का परिणाम है कि देश में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं। शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव शासन का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को मिलना प्रारंभ हुआ है। विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी अब दिखाई देते हैं।
हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा है। जब देश के पास यशस्वी नेतृत्व होता है और सामूहिकता के साथ देश की ताकत एक स्वर में बोलती है तो परिणाम सामने आते हैं। देश की आजादी की लड़ाई भी ध्यानाकर्षित करती है तो जब हम बंटे थे तो आजादी के लिए संघर्ष होता था।
राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब से गुरु गोविंद सिंह, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे नेतृत्व प्रदान किया। सभी का उद्देश्य एक ही था कि हर हाल में विदेशी दासता से मुक्ति मिले, लेकिन सामूहिक रूप से किया गया प्रयास 1857 में देखने को मिला। इसके बाद लगातार संघर्ष को जीवंतता बनाए रखने के लिए क्रांतिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों को जन्म दिया। गोरखपुर में चौरीचौरा, लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन आदि संघर्ष अनवरत रूप से बढ़ता रहा।
देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को किया नमन
सीएम योगी ने कहा कि भारत मां के जिन वीर बलिदानियों, क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया, उन्हें देश स्मरण कर रहा है। सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आदि के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त की। सीएम ने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूमने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्र भारत में देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी किया याद
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने उप्र में कानून व्यवस्था स्थापित करने, अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को बढ़ाने के लिए बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उप्र के अन्य अधिकारियों व कार्मिकों को भी बधाई दी। सीएम ने उम्मीद जताई कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों की कड़ी को अपने- अपने क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे तो स्वाधीनता अनंत काल तक भारत की यात्रा को और भी यशस्वी तरीके से आगे बढ़ाने में सफल होगी।