लखनऊ: घर में हॉस्टल बनाने पर लगेगा तीन गुना टैक्स, होर्डिंग वाले मकान भी देंगे कॉमर्शियल हाउस टैक्स
घर में छात्रावास खोलना अब महंगा पड़ेगा। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने उन सभी भवनों पर तीन गुना हाउस टैक्स लगाने के आदेश दिए हैं, जिनका इस्तेमाल हॉस्टल के तौर पर कामर्शियल रूप से किया जा रहा है।
दरअसल, वर्ष 2014 से लागू नई नियमावली में स्कूल-कॉलेजों से संबंधित उन भवनों को छात्रावास मानकर आवासीय का एक गुना टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रावधान की आड़ लेकर नगर निगम में निजी भवनों का भी छात्रावास के तौर पर आवासीय का एक गुना पर गृहकर निर्धारण किया जाने लगा, जिनका संचालन व्यावसायिक तौर पर किया जा रहा है।
ये किसी शिक्षण संस्था के अधिकृत छात्रावास नही हैं। इससे नगर निगम को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। शहर में ऐसे भवनों की तादाद करीब पांच हजार हो सकती है। इसकी जानकारी के बाद नगर आयुक्त ने ऐसे व्यावसायिक उपयोग वाले ऐसे छात्रावासों का गृहकर निर्धारण आवासीय का तीन गुना में करने का आदेश जारी किया है।
लेसा को देना होगा ट्रांसफार्मर की जमीन का किराया
शहर में लेसा के करीब 14 हजार ट्रांसफॉर्मर फुटपाथ, पार्क या नगर निगम की जमीन पर लगे है। हालांकि वह इनका किराया नगर निगम को नहीं देता, जबकि नगर निगम अन्य एजेंसियों से उसका पैसा लेता है। चाहें वह निजी व्यक्ति या कंपनी को फुटपाथ या पार्क में ट्रांसफॉर्मर लगाने या फोन कंपनी का टावर लगाने का मामला हो, मगर लेसा न तो अनुमति लेता है और न ही किराया देता है।
यह तब है जब स्ट्रीट लाइट का बिल कॉमर्शियल रेट से भी अधिक पर वसूल करता है। इन सबको देखते हुए अब लेसा से भी किराया वसूल किया जाएगा।
इसके लिए पूरे शहर में पार्क, फुटपाथ या निगम की जमीन पर लगे ट्रांसफार्मर का सर्वे होगा और यह कितनी जमीन पर लगे है, इसका ब्यौरा जुटाया जाएगा। इसके बाद लेसा से किराया वसूल किया जाएगा।
होर्डिंग वाले मकान देंगे कॉमर्शियल हाउस टैक्स
शहर में करीब तीन हजार भवनों की छत पर होर्डिंग लगे हैं। ऐसे भवनों से कॉमर्शियल हाउस टैक्स लिया जाने का नियम है, मगर ऐसा हो नहीं रहा। नियम के तहत एक होर्डिेंग 10 फीट की लगाई जा सकती है, मगर लोग उससे ऊंची और चौड़ी होर्डिंग लगा रहे हैं। इसे देखते हुए अब ऐसे भवनों के दो हाउस टैक्स बिल बनेंगे।
एक में उनके घर का टैक्स होगा और दूसरे में होर्डिंग वाले एरिया का टैक्स होगा। होर्डिंग वाले क्षेत्र का टैक्स आवासीय का चार गुना लगाया जाएगा। इसमें 10 फीट से ऊंचाई की गणना एक कमरा बनाकर की जाएगी।
उससे ऊंची होर्डिंग दो कमरे के हिसाब से मानी जाएगी और जिससे टैक्स गणना का एरिया डबल हो जाएगा। जिन भवनों पर होर्डिंग लगी हैं उनकी सूची 15 दिन में तैयार करने का आदेश नगर आयुक्त ने जारी किया है।
लागू किया जाएगा आदेश
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह का कहना है कि नगर निगम की आय बढ़ाने को लेकर गृहकर नियमावली के प्रावधान को प्रभावी तरीके से लागू करने का आदेश नगर आयुक्त ने दिया है।
इसके तहत अब जो भी व्यावसायिक उपयोग वाले भवन या इमारतें छूटी थीं, उन्हें कर के दायरे में लाया जाएगा। जहां पर दूसरे नियमों की आड़ लेकर जो कम टैक्स दे रहे थे, उन पर उपयोग के तहत उतने गुना टैक्स लगाया जाएगा।