गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए शुरू हुआ ये अस्पताल
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किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर-2 का कुलपति प्रो. रविकांत ने बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया। मरीजों का इलाज नए साल के पहले दिन एक जनवरी से होगा।
केजीएमयू के प्रशासनिक अधिकारियों ने ट्रॉमा सेंटर में शुरू की गई व्यवस्था को ड्राई रन नाम दिया है। उद्घाटन के साथ ही बृहस्पतिवार को वार्डों में बेड और उपकरण भी पहुंचा दिए गए।
फैकल्टी, रेजीडेंट डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय, सफाई कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती भी वहां कर दी गई है। राजधानीवासियों को नए साल के पहले दिन एक और ट्रॉमा सेंटर का तोहफा मिलेगा।
बृहस्पतिवार को रायबरेली रोड पर स्थित वृंदावन योजना (एसजीपीजीआई के सामने) बने ट्रॉमा सेंटर-टू के औपचारिक उद्घाटन के बाद अब वहां इलाज की व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारियां शुरू हो गयी है।
कैजुअलिटी वार्ड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, आईसीयू में बेड और अन्य उपकरण पहुंचा दिए गए हैं। पैथोलॉजी जांच के लिए लैब के उपकरण भी बृहस्पतिवार को पहुंचा दिए गए।
इसके अलावा रिसेप्शन पर पंजीकरण के लिए दो कम्प्यूटर और भर्ती संबंधी फार्म भी पहुंचा दिए गए। इसके अलवा फैकल्टी, रेजीडेंट डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय, सफाई कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति भी कर दी गई।
जानें किन मरीजों का इलाज
अब वहां उपलब्ध सुविधाओं का आंकलन एक टीम करेगी। जिससे जो भी कमियां हैं उन्हें दूर किया जा सके। इस मौके पर कुलपति प्रो. रविकांत, सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव, रजिस्ट्रार डॉ. शैलेंद्र यादव, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार, डॉ. जीपी सिंह, डॉ. हैदर अब्बास, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. समीर मिश्रा ने ट्रॉमा सेंटर भवन का निरीक्षण किया और व्यवस्था को सुधारने के लिए टिप्स दिए।
ट्रॉमा सेंटर-टू के प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि एक जनवरी से इलाज की सुविधा मिलेगी। वहां सिर्फ ट्रॉमा पेंशेंट को ही इलाज मिलेगा।
ऐसे मरीज जो दुर्घटना में घायल हों, गोली लगी हो या अन्य कारणों से चोट लगी हो। हार्ट अटैक या अन्य इमरजेंसी के मरीजों के इलाज की व्यवस्था ट्रॉमा सेंटर-टू में नहीं है।
मरीजों की जांच के लिए एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड भी लगाए जाने हैं। उन्होंने बताया की मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया है। इसलिए जब तक सभी कमियों को दूर नहीं कर लिया जाता, इलाज की सुविधा शुरू नहीं की जाएगी।
ये है तैयारियां
कैजुअलिटी - 10 बेड
आईसीयू -16 बेड
वेंटीलेटर - 6 बेड
पोस्ट ऑपरेटिव-02 बेड
नर्स- 15
वार्ड ब्वॉय- 08
कंसल्टेंट- 01
सीनियर रेजीडेंट-01
रेजीडेंट -02