लता चौक का लोकार्पण: प्रधानमंत्री मोदी बोले- लता दीदी के सुर युगों-युगों तक देश के कण-कण को जोड़े रखेंगे
रामनगरी का नयाघाट बंधा चौराहा अब लता मंगेशकर चौराहा के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौक का लोकार्पण कर दिया है। इस मौके पर स्वर्गीय लता मंगेशकर के परिजन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश देकर अयोध्यावासियों को बधाई दी।
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रामनगरी अयोध्या का नया घाट चौराहा अब लता मंगेशकर चौक के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योग आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को इसका लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर अपने वीडियो संदेश में कहा कि लता दीदी के स्वर में आस्था, आध्यात्मिकता व पवित्रता गूंजती है। उनके गाए हुए भजनों में दैवीय मधुरता थी। उनके स्वर युगों-युगों तक देश के कण-कण को जोड़े रखेंगे। लता दीदी के भजनों ने हमारी अंतरात्मा को राममय बनाए रखा है। उनके नाम पर बना यह चौक, हमारे देश में कला जगत से जुड़े लोगों के लिए भी प्रेरणा स्थली की तरह कार्य करेगा।
पीएम ने कहा कि लता दीदी के साथ जुड़ी मेरी कितनी ही यादें हैं, कितनी ही भावुक और स्नेहिल स्मृतियां हैं। जब भी मेरी उनसे बात होती, उनकी वाणी की युग-परिचित मिठास हर बार मुझे मंत्रमुग्ध कर देती थी। दीदी अकसर मुझसे कहती थी कि मनुष्य उम्र से नहीं, कर्म से बड़ा होता है, और जो देश के लिए जितना ज्यादा करे, वह उतना ही बड़ा है। लता जी, मां सरस्वती की एक ऐसी ही साधिका थीं, जिन्होंने पूरे विश्व को अपने दिव्य स्वरों से अभिभूत कर दिया। अयोध्या में लता मंगेशकर चौक पर स्थापित की गई मां सरस्वती की विशाल वीणा संगीत की साधना का प्रतीक बनेगी। कहा कि साधना लता दीदी ने की और वरदान हम सबको मिला। उन्होंने कहा कि अयोध्या के भव्य मंदिर में श्रीराम आने वाले हैं और उससे पहले करोड़ों लोगों में राम नाम की प्राण प्रतिष्ठा करने वाली लता दीदी का नाम अयोध्या शहर के साथ हमेशा के लिए स्थापित हो गया है। चौक परिसर में सरोवर के प्रवाहमय जल में संगमरमर से बने 92 श्वेत कमल लता जी की जीवन अवधि को दर्शा रहे हैं। मैं इस अभिनव प्रयास के लिए योगी जी की सरकार का, अयोध्या विकास प्राधिकरण का और अयोध्या की जनता का हृदय से अभिनंदन करता हूं।
राम हमारी सभ्यता के प्रतीक पुरुष
उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी विरासत पर गर्व करते हुए, भारत की संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना यह भी हमारा दायित्व है। प्रभु राम तो हमारी सभ्यता के प्रतीक पुरुष हैं। राम हमारी नैतिकता के, हमारे मूल्यों, हमारी मर्यादा, हमारे कर्तव्य के जीवंत आदर्श हैं। अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक, राम भारत के कण-कण में समाये हुए हैं। भगवान राम के आशीर्वाद से जिस गति से भव्य राममंदिर का निर्माण हो रहा है, उसकी तस्वीरें पूरे देश को रोमांचित कर रही हैं। लता चौक से लता दीदी की स्मृतियां हमारे अंतर्मन को राममय कर देती है।
गुनगुनाया भजन
उन्होंने कहा कि आज स्नेह मृर्ति लता दीदी का जन्मदिन है। उनसे जुड़ी स्मृति को साझा करते हुए कहा कि जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन संपन्न हुआ था तो मेरे पास लता दीदी का फोन आया। वह बहुत खुश थीं, आनंद में थी। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि आखिरकार राम मंदिर का निर्माण शुरू हो रहा है। आज मुझे लता दीदी का गाया वो भजन भी याद आ रहा है, मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम न आए...। मानस का मंत्र श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन हो या मीराबाई का पायो जी मैंने राम रतन धन पायो या बापू का प्रिय भजन वैष्णव जन हो या फिर तुम आशा विश्वास हमारे राम..जैसे गीत जन-जन की जुबां पर आज भी हैं। लता जी की आवाज में इन्हें सुनकर देशवासियों ने भगवान राम के दर्शन किए हैं।
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चौक कर्तव्य परायणता की प्रेरणा देगा
पीएम ने कहा कि जिस तरह लता दीदी हमेशा नागरिक कर्तव्यों को लेकर बहुत सजग रहीं, वैसे ही यह चौक भी अयोध्या में रहने वाले लोगों को, अयोध्या आने वाले लोगों को कर्तव्य-परायणता की प्रेरणा देगा। यह चौक, वीणा अयोध्या के विकास और अयोध्या की प्रेरणा को भी और अधिक गुंजायमान करेगी।
अयोध्यावासियों से अपील
उन्होंने कहा कि अयोध्यावासियों से भी मेरी कुछ अपेक्षाएं हैं। बहुत ही निकट भविष्य में राम मंदिर बनना है, देश के कोटि-कोटि लोग अयोध्या आने वाले हैं, आप कल्पना कर सकते हैं अयोध्यावासियों को अयोध्या को कितना भव्य बनाना होगा, कितना सुंदर बनाना होगा, कितना स्वच्छ बनाना होगा और इसकी तैयारी आज से ही करनी चाहिए और ये काम अयोध्या के हर नागरिक को करना है, हर अयोध्यावासी को करना है, तभी जाकर अयोध्या की आन बान शान, जब कोई भी यात्री आएगा, तो राम मंदिर की श्रद्धा के साथ-साथ अयोध्या की व्यवस्थाओं को, अयोध्या की भव्यता को, अयोध्या की मेहमान नवाजी को अनुभव करके जाएगा।
चौक की खासियत
- 7.90 करोड़ से हुआ लता मंगेशकर चौक का निर्माण
- स्मृति चौक पर गूंजेंगे लता मंगेशकर के भजन
- मां शारदा की वीणा सुर साम्राज्ञी चौक की पहचान होगी
- वीणा की लंबाई 10.8 मीटर और ऊंचाई 12 मीटर है
- 14 टन वजनी वीणा को बनाने में लगे 70 लोग
- कांसा एवं स्टेनलेस स्टील से एक माह में बनी वीणा
- पद्म पुरस्कार विजेता राम सुतार ने बनाई है वीणा की डिजाइन
- वीणा के साथ-साथ अन्य शास्त्रीय वाद्य यंत्र भी प्रदर्शित किए गए