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पुलिस जीप ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को मारी टक्कर, पुत्र की मौत, शव रखकर बवाल, आरोप- शराब के नशे में थे पुलिस वाले
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लखनऊ। मोहनलालगंज के गोपालखेड़ा में नंदनी ढाबे के सामने शुक्रवार देर रात पुलिस जीप ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार रौनक पांडेय (17) की मौत हो गई जबकि उसके पिता अजय पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवारीजनों ने अपेक्स ट्रॉमा सेंटर और केजीएमयू के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं आरोप है कि जीप सवार पुलिसकर्मी भी नशे में धुत थे। उनके खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर रायबरेली रोड मनी माउंटा मार्केट के पास शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
पीजीआई क्षेत्र के सरस्वतीपुरम निवासी अजय पांडेय की मनी माउंटा मार्केट में बर्तन की दुकान है। शुक्रवार रात वह स्कूटी से बेटे रौनक के साथ मोहनलालगंज में गोपालखेड़ा के पास स्थित एक रिसॉर्ट में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां पर अजय के भाई संजय पांडेय भी पहुंचे। संजय पांडेय ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भाई अजय और भतीजा रौनक स्कूटी पर बाहर खड़े थे और घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच तेज रफ्तार पुलिस जीप ने स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर से भतीजा जीप के नीचे आ गया और भाई सड़क की दूसरी पट्टी पर गिरे। दोनों को गंभीर हालत में पुलिसकर्मी ही क्षेत्र स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। दोनों की हालत नाजुक देख उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा रेफर कर दिया। शनिवार सुबह रौनक की मौत हो गई, जबकि उसके पिता अजय की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तीन घंटे तक चला प्रदर्शन व हंगामा
हादसे से आक्रोशित परिवारजन गाड़ी में रौनक का शव लेकर मनी माउंटा मार्केट के पास पहुंचे और सड़क पर जाम लगा हंगामा करने लगे। परिवारीजनों ने जीप सवार पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर एसीपी कैंट अर्चना सिंह, एसडीएम आनंद सिंह समेत कई थानों का पुलिस बल पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित परिवारजन को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुुए। दोपहर करीब दो बजे से शाम पांच बजे तक हंगामा चला। हंगामे के दौरान रायबरेली रोड पर भीषण जाम लग गया। इसके बाद पुलिस ने ट्रैफिक संचालन कर जाम हटवाया।
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पुलिस पर धमकी देने का आरोप
रौनक के चाचा संजय का आरोप है कि जीप में नगराम थाने के एसएसआई और कुछ अन्य पुलिसकर्मी थे। उन्होंने अस्पताल में धमकी दी और कहा कि किसी से यह न बताएं कि पुलिस की जीप से हादसा हुआ है। अगर किसी से यह बात बताई तो ठीक नहीं होगा। झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज देंगे।
पुलिस की गाड़ी का फिटनेस भी नहीं था
पुलिस जीप में सब इंस्पेक्टर समेत तीन लोग सवार थे। उन्हें भी गंभीर चोटें आई हैं। वहीं रौनक के पिता अजय पांडेय की कमर व पैर में चोट है। पुलिस की टाटा सूमो गाड़ी ने पीछे से टक्कर मारी। यह गाड़ी साउथ जोन के नगराम थाने की सेकंड मोबाइल गाड़ी है। जानकारी के मुताबिक, गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है। बावजूद इसके सड़क पर गाड़ी फर्राटा भर रही थी। वहीं मृतक रौनक के चाचा संजय पांडेय ने मोहनलालगंज कोतवाली में पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि गाड़ी चला रहे पुलिसकर्मी शराब के नशे में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे।
स्ट्रेचर पर लेटकर न्याय मांगने पहुंचा पिता
पुलिस की जीप की टक्कर के बाद निजी अस्पताल में भर्ती पिता अजय अपने पुत्र की मौत से बेसुध हो गए। शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच घायल पिता स्ट्रेचर पर लेटे ही पहुंच गए और पुत्र का शव देख बिलख पड़े। अजय ने मौके पर मौजूद अफसरों से कहा कि साहब, बेटा तो चला गया लेकिन अब न्याय चाहिए। पिता की दशा देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
मातम में बदलीं खुशियां
संजय ने बताया कि रौनक का उपनयन संस्कार छह मई को होना था। छह मई को उसका जन्मदिन भी होता है। बड़ी धूमधाम से उपनयन संस्कार करने की तैयारी चल रही थी। कार्ड छप गए थे। बांटे जाने थे। सारी खुशियां मातम में बदल गईं। पूरे परिवार को रौनक से बहुत उम्मीदें थीं। रौनक की मौत से सभी सदमे में हैं।
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पीजीआई क्षेत्र के सरस्वतीपुरम निवासी अजय पांडेय की मनी माउंटा मार्केट में बर्तन की दुकान है। शुक्रवार रात वह स्कूटी से बेटे रौनक के साथ मोहनलालगंज में गोपालखेड़ा के पास स्थित एक रिसॉर्ट में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां पर अजय के भाई संजय पांडेय भी पहुंचे। संजय पांडेय ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भाई अजय और भतीजा रौनक स्कूटी पर बाहर खड़े थे और घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच तेज रफ्तार पुलिस जीप ने स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर से भतीजा जीप के नीचे आ गया और भाई सड़क की दूसरी पट्टी पर गिरे। दोनों को गंभीर हालत में पुलिसकर्मी ही क्षेत्र स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। दोनों की हालत नाजुक देख उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा रेफर कर दिया। शनिवार सुबह रौनक की मौत हो गई, जबकि उसके पिता अजय की हालत नाजुक बताई जा रही है।
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तीन घंटे तक चला प्रदर्शन व हंगामा
हादसे से आक्रोशित परिवारजन गाड़ी में रौनक का शव लेकर मनी माउंटा मार्केट के पास पहुंचे और सड़क पर जाम लगा हंगामा करने लगे। परिवारीजनों ने जीप सवार पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर एसीपी कैंट अर्चना सिंह, एसडीएम आनंद सिंह समेत कई थानों का पुलिस बल पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित परिवारजन को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुुए। दोपहर करीब दो बजे से शाम पांच बजे तक हंगामा चला। हंगामे के दौरान रायबरेली रोड पर भीषण जाम लग गया। इसके बाद पुलिस ने ट्रैफिक संचालन कर जाम हटवाया।
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पुलिस पर धमकी देने का आरोप
रौनक के चाचा संजय का आरोप है कि जीप में नगराम थाने के एसएसआई और कुछ अन्य पुलिसकर्मी थे। उन्होंने अस्पताल में धमकी दी और कहा कि किसी से यह न बताएं कि पुलिस की जीप से हादसा हुआ है। अगर किसी से यह बात बताई तो ठीक नहीं होगा। झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज देंगे।
पुलिस की गाड़ी का फिटनेस भी नहीं था
पुलिस जीप में सब इंस्पेक्टर समेत तीन लोग सवार थे। उन्हें भी गंभीर चोटें आई हैं। वहीं रौनक के पिता अजय पांडेय की कमर व पैर में चोट है। पुलिस की टाटा सूमो गाड़ी ने पीछे से टक्कर मारी। यह गाड़ी साउथ जोन के नगराम थाने की सेकंड मोबाइल गाड़ी है। जानकारी के मुताबिक, गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है। बावजूद इसके सड़क पर गाड़ी फर्राटा भर रही थी। वहीं मृतक रौनक के चाचा संजय पांडेय ने मोहनलालगंज कोतवाली में पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि गाड़ी चला रहे पुलिसकर्मी शराब के नशे में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे।
स्ट्रेचर पर लेटकर न्याय मांगने पहुंचा पिता
पुलिस की जीप की टक्कर के बाद निजी अस्पताल में भर्ती पिता अजय अपने पुत्र की मौत से बेसुध हो गए। शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच घायल पिता स्ट्रेचर पर लेटे ही पहुंच गए और पुत्र का शव देख बिलख पड़े। अजय ने मौके पर मौजूद अफसरों से कहा कि साहब, बेटा तो चला गया लेकिन अब न्याय चाहिए। पिता की दशा देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
मातम में बदलीं खुशियां
संजय ने बताया कि रौनक का उपनयन संस्कार छह मई को होना था। छह मई को उसका जन्मदिन भी होता है। बड़ी धूमधाम से उपनयन संस्कार करने की तैयारी चल रही थी। कार्ड छप गए थे। बांटे जाने थे। सारी खुशियां मातम में बदल गईं। पूरे परिवार को रौनक से बहुत उम्मीदें थीं। रौनक की मौत से सभी सदमे में हैं।