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लखनऊ में मानव तस्करी: आलमबाग से खरीदे 60 हजार में दो बच्चे, दबिश में खुला राज, अभी सरगना की तलाश जारी

Wed, 11 Dec 2024 08:03 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 11 Dec 2024 08:03 AM IST
सार

Human trafficking in Lucknow: लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र से मानव तस्करी का मामला सामने आया है। छानबीन में पता चला है कि आलमबाग निवासी सुनील मलिक ने दो बच्चों को 60 हजार रुपये में खरीदा था।
 

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Human trafficking in Lucknow: Two children bought from Alambagh for Rs 60 thousand, secret revealed in the rai
लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र का मामला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

आलमबाग से मानव तस्करी हो रही थी। कानपुर में एक कारोबारी के घर से एक नाबालिग के बरामद होने के बाद यह सच्चाई सामने आई है। छानबीन में पता चला है कि आलमबाग निवासी सुनील मलिक ने दो बच्चों को 60 हजार रुपये में खरीदा था। एक बच्चे को उसने कानपुर में अपने दामाद के पास भेज दिया, जबकि दूसरे को बंधक बनाकर उससे शौचालय साफ कराए जा रहे थे। कानपुर पुलिस आलमबाग में दबिश देकर नाबालिग को छुड़ाने का का प्रयास कर रही है।

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कानपुर के गोविंदनगर थाना प्रभारी के मुताबिक मंगलवार रात गुरुग्राम से श्री भगवान नामक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम को फोन कर बेटे को बचा लेने की गुहार लगाई। बताया कि कुछ लोगों ने बेटे को बंधक बना लिया है और उससे मारपीट कर रहे हैं। पुलिस ने बी-ब्लॉक गोविंदनगर निवासी फर्नीचर कारोबारी अंकित आनंद के घर छापा मारा। अंकित के घर से 12 साल का बालक मिला। जांच के दौरान बालक ने आपबीती बताई। इसके बाद आरोपी फर्नीचर कारोबारी को हिरासत में ले लिया गया।
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पूछताछ में उजागर हुआ मामला
पूछताछ में कारोबारी अंकित ने बताया कि आलमबाग निवासी ससुर सुनील मलिक ने गुरुग्राम निवासी दलाल पप्पू यादव के जरिये बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के तरनियाघाट निवासी श्रीभगवान महतो उर्फ रामू से 12 व 8 साल के बच्चों को 30-30 हजार रुपये में खरीदा था। आलमबाग से एक बच्चा उसकी पत्नी साक्षी घर के कामकाज के लिए कानपुर ले आई, जबकि दूसरा ससुर के घर पर है। पुलिस ने बच्चे को परिजनों को सौंपने के साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस को देखते ही रोने लगा मासूम
पुलिस को सामने देखते ही मासूम बिलख पड़ा। मासूम ने बताया कि मालकिन बहुत मारती हैं। पप्पू यादव ने पिता को तीन माह पहले पैसे कमाने का लालच देकर उसे और चचेरे भाई को आलमबाग लाकर छोड़ दिया था। आलमबाग और कानपुर में दोनों से शौचालय साफ कराने के साथ-साथ बच्चों की गंदगी साफ कराई जा रही थी। कानपुर पुलिस ने अंकित आनंद, साक्षी, सुनील मलिक और बच्चे को लाने वाले पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।


कई बच्चों की तस्करी का शक
सुनील मलिक और मानव तस्कर पप्पू यादव के बीच काफी पुराने संबंध हैं। बताया जा रहा है कि सुनील ने कई बार पप्पू से संपर्क किया। माना जा रहा है कि इसके पहले भी कई बच्चों की तस्करी की गई है। पुलिस का कहना है कि सुनील को गिरफ्तार करने के बाद पूरा मामला सामने आएगा। अंकित के मुताबिक कुछ माह पहले साक्षी मायके आलमबाग गई थी। वहीं पर ससुर के माध्यम से पप्पू यादव से उसकी मुलाकात हुई थी।

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