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पीएम आवास योजना : जितनी कमाई, उससे ज्यादा किस्त... आवेदक बोले- तो खाएंगे क्या, बच्चे कैसे पढ़ेंगे
Thu, 01 Feb 2024 03:06 PM IST
ishwar ashish
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 01 Feb 2024 03:06 PM IST
सार
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट पाने के लिए आवेदक की अधिकतम आमदनी तीन लाख रुपये ही होनी चाहिए जबकि उन्हें किस्त के रूप में 3,14,820 रुपये चुकाने होंगे। ऐसे में जरूरतमंद आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नगर निगम की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के फ्लैटों की किस्तें आवेदकों के होश उड़ा रही है। योजना की शर्तों के तहत आवेदक की अधिकतम सालाना आय तीन लाख रुपये (मासिक 25 हजार) से अधिक नहीं होनी चाहिए, पर 26,235 रुपये मासिक किस्त तय कर दी गई। इस हिसाब से सालाना 3,14,820 रुपये आवंटी को किस्त के लिए ही चाहिए। ऐसे में आवंटी क्या खाएगा, बच्चों को कैसे पढ़ाएगा।
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- नगर निगम ने 24 जनवरी को पारा में सदरौना रोड पर (गोकुल ग्राम आवास योजना के निकट) पीएम आवास योजना के जिन 264 फ्लैटों का पंजीकरण खोला है, वे जी प्लस थ्री श्रेणी के हैं। फ्लैट का क्षेत्रफल 356 वर्ग फीट है।
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- एक फ्लैट की कीमत 6.12 लाख रुपये है। इसमें 2.50 लाख रुपये की छूट अनुदान के रूप में आवंटी को दी जाएगी। अनुदान में केंद्र सरकार का हिस्सा 1.50 लाख और राज्य सरकार का 01 लाख रुपये शामिल है। ऐसे में शेष 3.62 लाख रुपये ही आवंटी को देने होंगे।
किस्त भरने में चूके तो 11 फीसदी विलंब शुल्क लगेगा
तय शर्तों के अनुसार पांच हजार रुपये पंजीकरण के समय देना होगा। आवंटन के एक महीने के अंदर आवंटी को 45 हजार रुपये जमा करने होंगे। रजिस्ट्री के समय 12 हजार रुपये कॉरपस फंड के मद में देने होंगे। बाकी तीन लाख रुपये को 12 मासिक किस्तों में 9 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ चुकाना होगा। ब्याज समेत एक माह की किस्त 26,235 रुपये बन रही है। यदि आवंटी समय से किस्त देने में नाकाम रहा तो उसको 11 प्रतिशत विलंब शुल्क भी चुकाना पड़ेगा।
-किस्त की ही बात करें तो आवंटी को इसके लिए साल भर में 3,14,820 रुपये की जरूरत है। जब आवंटन के लिए आमदनी की पात्रता शर्त ही सालाना अधिकतम तीन लाख रुपये रखी गई है, तो आवंटी अधिकतम सीमा से 14,820 रुपये अधिक का जुगाड़ कहां से करेगा?
लोग आवेदन तो करना चाहते हैं, पर किस्त की रकम सुन चकरा जा रहे
फ्लैटों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 23 फरवरी तक चलेगी। आवेदन ऑनलाइन होने हैं। जो ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते वे जनसुविधा केंद्रों की मदद ले सकते हैं। आवेदन के लिए डूडा के जनसुविधा केंद्र पहुंचे जितेंद्र कुमार, रमाशंकर और राहुल कनौजिया बताते हैं कि उनका शहर में कोई मकान नहीं है। प्राइवेट नौकरी करते हैं। किराये के मकान में रहते हैं। तीनों की पगार करीब 20-20 हजार रुपये है।
-जितेंद्र कुमार, रमाशंकर और राहुल आवेदन करने के लिए पात्र तो हैं, पर उनका सवाल है कि मासिक किस्त के लिए 26,235 रुपये कहां से लाएंगे? तीनों का कहना है कि वे अपनी तनख्वाह का एक पैसा भी खाने-पीने आदि पर न खर्च करें तब भी किस्त नहीं चुका सकते। लिहाजा वे आवेदन नहीं करेंगे। उनका कहना है कि आवेदन के साथ पंजीकरण राशि पांच हजार रुपये मांगी जा रही है। यह भी अधिक है।
कम कराई जाएगी किस्त
लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि पीएम आवास योजना की किस्त का पैसा यदि सालाना आमदनी से अधिक है, तो उसको कम कराया जाएगा। इस तरह से किस्त का निर्धारण कराया जाएगा ताकि जरूरतमंद पंजीकरण कर सकें। इसके लिए अफसरों से बात की जाएगी।