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बैंक कैशियर से साठगांठ कर बुर्जुग के पीपीएफ खाते से 4.70 लाख उड़ाए
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Tue, 18 Apr 2017 05:08 PM IST
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लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक जालसाज ने उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ के रिटायर्ड उपमहाप्रबंधक के पीपीएफ अकाउंट से 4.70 लाख रुपये उड़ा लिए। बुजुर्ग ने एसबीआई की मुख्य शाखा के कैशियर गिरधर गोपाल समेत दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
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आरोप है कि बैंककर्मी द्वारा पीपीएफ की 60 फीसदी रकम निकालने की बात कहकर टालमटोल की, लेकिन जालसाज के इशारे पर पूरी रकम उनके खाते में ट्रांसफर कर दी। जालसाजों की धरपकड़ में हीलाहवाली पर आला अफसरों से गुहार लगाई है।
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जानकीपुरम विहार कॉलोनी निवासी प्रेम प्रताप सिंह ने बताया कि वह 30 नवंबर 2016 को उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
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उन्होंने पीपीएफ अकाउंट से रकम निकालने के लिए छह अप्रैल को हजरतगंज में एसबीआई की मुख्य शाखा में पीपीएफ काउंटर पर संपर्क किया। काउंटर प्रभारी ने वर्ष 2016-17 में पैसा जमा न किए जाने की वजह से सिर्फ 60 प्रतिशत रकम निकालने की बात कही।
इस बीच काउंटर के पास मौजूद अधेड़ ने प्रेम प्रताप को पूरी रकम निकलवाने का आश्वासन दिया और औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए अगले दिन बैंक बुलाया। प्रेम प्रताप सात अप्रैल की सुबह एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचे।
गेट पर ही अधेड़ उनका इंतजार कर रहा था। उसने बैंक के भीतर ले जाकर औपचारिकताएं पूरी कराईं और क्लर्क ने प्रेम प्रताप के पीपीएफ अकाउंट के 4,71,517 रुपये एसबीआई की जानकीपुरम विस्तार शाखा में उनके बचत खाते में स्थानांतरित कर दिए
ऐसे उड़ाई रकम
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कागजी खानापूरी के दौरान अधेड़ ने प्रेम प्रताप को सलाह दी कि पीपीएफ की रकम को एसबीआई की मुख्य शाखा में फिक्स कराकर त्रैमासिक ब्याज से अपना खर्च चला सकते हैं। महकमे में पेंशन व्यवस्था न होने से खर्च चलाने के बारे में सोच रहे प्रेम प्रताप ने अधेड़ की सलाह मान ली।
अधेड़ के साथ जानकीपुरम विस्तार शाखा जाकर 4.70 लाख रुपये निकाले और मुख्य शाखा में सौ की गड्डियों को पांच सौ व दो हजार में बदलवाया। अधेड़ ने उन्हें खाता खोलने की पर्ची थमाई और खुद 4.70 लाख रुपये लेकर कैश काउंटर पर पहुंचा, जहां से रकम की जमा पर्ची लाकर प्रेम प्रताप को थमाई।
उस पर कैशियर गिरधर गोपाल की मुहर व दस्तखत थे। डेढ़ घंटे इंतजार के बाद प्रेम प्रताप 4:30 बजे कैश काउंटर पर संपर्क किया। आरोप है कि गिरधर गोपाल ने जमा पर्ची फर्जी बताते हुए फाड़ दी। प्रेम प्रताप ने एसबीआई मुख्य शाखा के उपमहाप्रबंधक से शिकायत की।
कोई नतीजा निकलने पर हजरतगंज कोतवाली में अधेड़ जालसाज व कैशियर गिरधर गोपाल के खिलाफ केस दर्ज कराया। प्रेम प्रताप का कहना है कि बैंक के सीसीटीवी फुटेज में जालसाज का चेहरा स्पष्ट नजर आने के साथ बैंककर्मियों से उसकी बातचीत की रिकॉर्डिंग है।
हफ्ता भर बाद भी पुलिस ने उनकी रकम वापस दिलाने के लिए धरपकड़ नहीं शुरू की। उन्होंने तफ्तीश में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है।
अधेड़ के साथ जानकीपुरम विस्तार शाखा जाकर 4.70 लाख रुपये निकाले और मुख्य शाखा में सौ की गड्डियों को पांच सौ व दो हजार में बदलवाया। अधेड़ ने उन्हें खाता खोलने की पर्ची थमाई और खुद 4.70 लाख रुपये लेकर कैश काउंटर पर पहुंचा, जहां से रकम की जमा पर्ची लाकर प्रेम प्रताप को थमाई।
उस पर कैशियर गिरधर गोपाल की मुहर व दस्तखत थे। डेढ़ घंटे इंतजार के बाद प्रेम प्रताप 4:30 बजे कैश काउंटर पर संपर्क किया। आरोप है कि गिरधर गोपाल ने जमा पर्ची फर्जी बताते हुए फाड़ दी। प्रेम प्रताप ने एसबीआई मुख्य शाखा के उपमहाप्रबंधक से शिकायत की।
कोई नतीजा निकलने पर हजरतगंज कोतवाली में अधेड़ जालसाज व कैशियर गिरधर गोपाल के खिलाफ केस दर्ज कराया। प्रेम प्रताप का कहना है कि बैंक के सीसीटीवी फुटेज में जालसाज का चेहरा स्पष्ट नजर आने के साथ बैंककर्मियों से उसकी बातचीत की रिकॉर्डिंग है।
हफ्ता भर बाद भी पुलिस ने उनकी रकम वापस दिलाने के लिए धरपकड़ नहीं शुरू की। उन्होंने तफ्तीश में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है।