फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Hospital facing shortage of medicines

दवाओं की कमी से जूझ रहे अस्पताल, यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन दवाओं की आपूर्ति में फेल

Mon, 07 Oct 2019 05:10 AM IST
Avdhesh Kumar अमित यादव, लखनऊ
अमित यादव, लखनऊ Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 07 Oct 2019 05:10 AM IST
विज्ञापन
Hospital facing shortage of medicines
दवाई दुकान
प्रदेश के सरकारी अस्पताल दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। नॉर्मल सलाइन, एंटीबायटिक, दिल की बीमारियों, कैल्शियम की दवाओं की भी कमी है। दवा काउंटर पर मरीजों को लंबी लाइन के बाद डॉक्टरों की लिखी आधी दवाएं ही मिल रही हैं। यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन दवाओं की आपूर्ति में फेल हो गया है।
विज्ञापन

 
प्रदेश में 242 छोटे-बड़े अस्पताल हैं। इनमें जिला महिला, जिला पुरुष, संयुक्त चिकित्सालय और सीएमओ ऑफिस शामिल हैं। इन सभी अस्पतालों को पहले स्वास्थ्य महानिदेशालय के केंद्रीय औषधि भंडार (सीएमएसडी) से दवाओं की आपूर्ति होती थी। बीते साल केंद्रीय औषधि भंडार की जगह यूपी मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड बनाकर इसके माध्यम से दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति की शुरुआत की गई, लेकिन एक साल बाद भी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता में दिक्कतें बरकरार हैं। बेहोशी की दवा किटामाइन बहुत अधिक मात्रा में आपूर्ति की गई है, जबकि यह कम इस्तेमाल होती है। 
विज्ञापन


अस्पतालों के सीएमएस और सीएमओ कहते हैं कि यूपी मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन दवाओं की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। वहीं कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि एक साल तक स्वास्थ्य महानिदेशालय यह नहीं बता पाया कि कौन-से अस्पताल में दवाओं की कितनी खपत है। जो दवाएं आपूर्ति की जाती हैं, उनमें से अधिकतर गैरजरूरी बताकर वापस कर दी जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन दवाओं की है कमी

पेशाब के मरीजों के लिए यूरीमैक्स डी, एंटीबायोटिक सेफरेक्जाइम 250/500 मिग्रा, सेफिक्जाइम 200/400, हृदय रोग में दी जाने वाली डिलीटाजेम 30/60, सारबिट्रेट, नेबुलाइजिंग सॉल्यूशन, डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली जेलवस, नेफिडापाइन, दर्द निवारक ट्यूब, एंटी फंगल ट्यूब क्लोट्रिमाजॉल भी अस्पतालों में नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि सिर्फ माइकोनाजॉल की थोड़ी-बहुत आपूर्ति हो पाई है, जबकि पहले 4 से 6 साल्ट की ट्यूब उपलब्ध रहती थी।

आईवी फ्ल्यूड, कैल्शियम टैबलेट, विटामिन डी शैशे की भी कमी बनी रहती है। कुत्ता काटने से गंभीर रूप से घायल मरीजों को दिया जाने वाला एंटी रैबीज सीरम भी अस्पतालों में नहीं है। मल्टी विटामिन और बच्चों को दस्त होने पर दिए जाने वाले मेट्रोजिल आईवी की आपूर्ति भी नहीं हो रही है। 


एसेंशियल ड्रग लिस्ट (ईडीएल) बनाई गई है। अस्पतालों में इनकी 100 फीसदी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। अस्पतालों से भी उनकी जरूरत पूछी गई है। दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। - जयप्रताप सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed