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Lucknow News: बदलते ट्रेंड में घर सजाना हुआ महंगा
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लखनऊ। घर को आकर्षक और मॉडर्न लुक देना अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। बीते कुछ महीनों में इंटीरियर और होम डेकोर से जुड़ी सामग्री के दाम 10 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके साथ ही लोगों की पसंद भी तेजी से बदली है। पारंपरिक फर्नीचर, झूमर और पेंट की जगह अब रेडीमेड फर्नीचर, स्मार्ट लाइटिंग, फॉल्स सीलिंग और वॉल पैनल का ट्रेंड बढ़ा है।
होम डेकोर कारोबारियों के मुताबिक ग्राहक अब सुविधा, समय की बचत और मॉडर्न डिजाइन को प्राथमिकता दे रहे हैं। कारोबारियों ने बताया कि युद्ध के बाद ब्रांडेड फोम के दाम बढ़ने से सोफे की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सागौन और शीशम के फर्नीचरों की जगह अब प्री-लैमिनेटेड बोर्ड ने ले ली है। जिसके दाम भी करीब 10 से 20 फीसदी बढ़े हैं। कच्चा शीशा, पक्का शीशा और टफन ग्लास भी महंगे हुए हैं। छोटे फ्लैट, सीमित जगह और व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अब कॉम्पेक्ट, मॉड्यूलर और रेडीमेड विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहले लोग कारपेंटर को घर बुलाकर फर्नीचर बनवाते थे, अब ग्राहक अपने स्पेस के हिसाब से फैक्टरी में बना रेडीमेड फर्नीचर ऑर्डर कर रहे हैं। इससे समय बचता है और फिनिशिंग भी बेहतर मिलती है।
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(फोटो)
अब पीओपी की जगह लोग जिप्सम बोर्ड से फॉल्स सीलिंग करा रहे हैं। लकड़ी पैनलिंग और पेंट की जगह पीवीसी और यूवी पैनल पसंद किए जा रहे हैं। ये टिकाऊ हैं। ज्यादा कूलिंग के साथ ही सीलन से भी बचाते हैं।
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- मुकेश कुमार नाग, व्यापारी
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(फोटो)
झूमर का चलन घटा है। उसकी जगह स्मार्ट एलईडी और चिप बेस्ड लाइटिंग ने ले ली है। वॉल पेपर का चलन भी कम हुआ है। पर्दे से लेकर आकर्षक लगने वाली लाइटें सभी के दाम करीब 10-20 फीसदी बढ़े हैं।
- निखिल लखवानी, व्यापारी
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पहले घर की सजावट पेंट की डिजाइन व पीओपी से हो जाती थी। सागौन की लकड़ी के फर्नीचर पसंद किए जाते थे, लेकिन अब बदलते ट्रेंड के कारण पहले जितने खर्च में पूरा घर सज जाता था उतने में अब ड्राइंगरूम सजाना भी मुश्किल हो रहा है। झूमर की जगह अब विभिन्न तरह की झूमर लुक की एलईडी लाइटें पसंद की जा रही हैं।
नगमी, गृहणी
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क्या बदला ट्रेंड
- झूमर की जगह स्मार्ट लाइटिंग
- लकड़ी-पेंट की जगह पीवीसी/यूवी पैनल
- पीओपी की जगह जिप्सम फॉल्स सीलिंग
- कारपेंटर वर्क की जगह फैक्ट्री मेड फर्नीचर
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होम डेकोर कारोबारियों के मुताबिक ग्राहक अब सुविधा, समय की बचत और मॉडर्न डिजाइन को प्राथमिकता दे रहे हैं। कारोबारियों ने बताया कि युद्ध के बाद ब्रांडेड फोम के दाम बढ़ने से सोफे की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सागौन और शीशम के फर्नीचरों की जगह अब प्री-लैमिनेटेड बोर्ड ने ले ली है। जिसके दाम भी करीब 10 से 20 फीसदी बढ़े हैं। कच्चा शीशा, पक्का शीशा और टफन ग्लास भी महंगे हुए हैं। छोटे फ्लैट, सीमित जगह और व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अब कॉम्पेक्ट, मॉड्यूलर और रेडीमेड विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहले लोग कारपेंटर को घर बुलाकर फर्नीचर बनवाते थे, अब ग्राहक अपने स्पेस के हिसाब से फैक्टरी में बना रेडीमेड फर्नीचर ऑर्डर कर रहे हैं। इससे समय बचता है और फिनिशिंग भी बेहतर मिलती है।
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अब पीओपी की जगह लोग जिप्सम बोर्ड से फॉल्स सीलिंग करा रहे हैं। लकड़ी पैनलिंग और पेंट की जगह पीवीसी और यूवी पैनल पसंद किए जा रहे हैं। ये टिकाऊ हैं। ज्यादा कूलिंग के साथ ही सीलन से भी बचाते हैं।
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- मुकेश कुमार नाग, व्यापारी
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(फोटो)
झूमर का चलन घटा है। उसकी जगह स्मार्ट एलईडी और चिप बेस्ड लाइटिंग ने ले ली है। वॉल पेपर का चलन भी कम हुआ है। पर्दे से लेकर आकर्षक लगने वाली लाइटें सभी के दाम करीब 10-20 फीसदी बढ़े हैं।
- निखिल लखवानी, व्यापारी
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पहले घर की सजावट पेंट की डिजाइन व पीओपी से हो जाती थी। सागौन की लकड़ी के फर्नीचर पसंद किए जाते थे, लेकिन अब बदलते ट्रेंड के कारण पहले जितने खर्च में पूरा घर सज जाता था उतने में अब ड्राइंगरूम सजाना भी मुश्किल हो रहा है। झूमर की जगह अब विभिन्न तरह की झूमर लुक की एलईडी लाइटें पसंद की जा रही हैं।
नगमी, गृहणी
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क्या बदला ट्रेंड
- झूमर की जगह स्मार्ट लाइटिंग
- लकड़ी-पेंट की जगह पीवीसी/यूवी पैनल
- पीओपी की जगह जिप्सम फॉल्स सीलिंग
- कारपेंटर वर्क की जगह फैक्ट्री मेड फर्नीचर