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Lucknow News: एचएमपीवी से डरें नहीं, पर सतर्कता जरूरी
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लखनऊ। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक चीन की रहस्यमय बीमारी ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) से डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।
विभागाध्यक्ष के मुताबिक चीन से आ रही जानकारी के अनुसार एचएमपीवी के लक्षण 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में ही दिख रहे हैं। ये मामले गुआंगदोंग प्रांत समेत उत्तरी चीन के हिस्से में अधिक मिल रहे हैं। इसी तरह का पैटर्न कोरोना के दौरान देखने को मिला था, इसलिए हमें सतर्क रहना चाहिए।
एचएमपीवी वायरस में भी कोविड-19 जैसे लक्षण हैं और यह सामान्य बुखार की दवाओं से ठीक हो सकता है। इसमें भी सर्दी-जुकाम की समस्या होती है। यह संक्रमण खांसी, बुखार, नाक बंद होने और सांस लेने में परेशानी का कारण बन सकता है। गंभीर मामलों में यह ब्रोंकाइटिस और निमोनिया का कारण बन सकता है। एचएमपीवी को लेकर सभी को सचेत रहने की जरूरत है, लेकिन बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर इम्युनिटी वाले रोगियों को संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
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डॉ. सूर्यकांत के मुताबिक कोई भी संक्रामक बीमारी मरीजों से फैलती है। खांसते और छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें और मास्क पहनें। भीड-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें और किसी से मिलते वक्त हाथ मिलाने से बचें।
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विभागाध्यक्ष के मुताबिक चीन से आ रही जानकारी के अनुसार एचएमपीवी के लक्षण 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में ही दिख रहे हैं। ये मामले गुआंगदोंग प्रांत समेत उत्तरी चीन के हिस्से में अधिक मिल रहे हैं। इसी तरह का पैटर्न कोरोना के दौरान देखने को मिला था, इसलिए हमें सतर्क रहना चाहिए।
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एचएमपीवी वायरस में भी कोविड-19 जैसे लक्षण हैं और यह सामान्य बुखार की दवाओं से ठीक हो सकता है। इसमें भी सर्दी-जुकाम की समस्या होती है। यह संक्रमण खांसी, बुखार, नाक बंद होने और सांस लेने में परेशानी का कारण बन सकता है। गंभीर मामलों में यह ब्रोंकाइटिस और निमोनिया का कारण बन सकता है। एचएमपीवी को लेकर सभी को सचेत रहने की जरूरत है, लेकिन बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर इम्युनिटी वाले रोगियों को संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
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डॉ. सूर्यकांत के मुताबिक कोई भी संक्रामक बीमारी मरीजों से फैलती है। खांसते और छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें और मास्क पहनें। भीड-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें और किसी से मिलते वक्त हाथ मिलाने से बचें।