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लखनऊ: अदब, ऊर्दू और अंदाज का शहर
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 28 Jul 2013 04:42 PM IST
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक आधुनिक शहर है, जिसके साथ भव्य ऐतिहासिक स्मारक होने का गर्व जुड़ा हुआ है।
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गंगा नदी की सहायक नदी कही जाने वाली गोमती के छोर पर बसे लखनऊ को उसके नवाबी रंग में डूबे इलाकों, बागीचों और अनोखी वास्तुकला से सजी इमारतों के लिए जाना जाता है।
नवाबों के शहर के नाम से मशहूर लखनऊ में सांस्कृतिक और पाक कला के विभिन्न व्यंजनों से अपने आकर्षण को मजबूती के साथ संजोता है।
अपने विशिष्ट आकर्षण, तहजीब और उर्दू भाषा के लिए प्रसिद्ध लखनऊ विशिष्ट प्रकार की कढ़ाई और चिकन से सजे हुए परिधानों और कपड़ों के लिए भी लोगों की पहली पसंद है।
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सन् 1775 में अवध के चौथे नवाब आसफ उद दौला ने अपनी राजधानी को फैजाबाद से लखनऊ स्थानांतरित किया और तभी से लखनऊ की नवाबी विरासत का आगमन हुआ।
लखनऊ की संस्कृति के हर पहलू में नवाबों की छाप देखने को मिलती है।
भारत के सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपने नवाबी अंदाज, गंगा जमनी तहजीब, मुगलई पकवान और चिकन कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है।
इस अदब के शहर की एक और खासियत है, वह है यहां की बोली। उर्दू के साथ हिंदी की जुगलबंदी एक अजब मिठास घोलती है। और तो और यहां 'एक' आदमी 'हम' होता है।
बेशक, इसे व्याकरण में गलत माना जाता हो लेकिन, इस अदांज में कोई तो बात है कि, हर कोई बरबस ही इसका मुरीद हो जाता है।