हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की बेरहमी से हत्या, वारदात में आईएसआई कनेक्शन का शक
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हिंदू महासभा के पूर्व नेता और हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की शुक्रवार को दो बदमाशों ने लखनऊ में बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों बदमाश भगवा कपड़े पहने हुए थे और मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर लाए थे। दोनों नाका स्थित खुर्शेदबाग की तंग गलियों में स्थित कमलेश के घर पहुंचे। पहली मंजिल स्थित पार्टी दफ्तर में पहले उनकी गर्दन पर गोली मारी। फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया। पुलिस ने मौके से .32 बोर की एक पिस्टल व एक खोखा बरामद की है।
कमलेश की हत्या की वारदात से अफसरों में हड़कंप मच गया। हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। अमीनाबाद बाजार बंद कराकर नारेबाजी की। तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले में अपर मुख्य सचिव गृह व डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है। देर रात पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में कमलेश का शव उनके गृह जनपद सीतापुर भेज दिया।
पत्नी ने फतवा जारी करने वाले उलमा और मुफ्ती पर दर्ज कराई एफआईआर: कमलेश की पत्नी किरन ने नाका थाना में बिजनौर के उलमा इमाम मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम काजमी समेत तीन के खिलाफ हत्या व साजिश में एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों पर पैगंबर साहब के लिए अमर्यादित टिप्पणी पर कमलेश का सिर कलम करने का फतवा जारी करने का आरोप लगा था। हालांकि उलमा का कहना था कि उन्होंने फतवा वापस ले लिया था।
कमलेश तिवारी की हत्या में सामने आया आईएसआईएस का हाथ
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे कमलेश अपने घर की पहली मंजिल स्थित हिंदू समाज पार्टी के कार्यालय में कुशीनगर निवासी कर्मचारी सौराष्ट्रजीत सिंह के साथ बैठे थे। उसी समय भगवा कपड़े पहने दो युवक मिठाई के डिब्बे के साथ वहां आ गए। कमलेश संभवत: शायद उन्हें पहचानते थे। दोनों से बातचीत की और चाय-नाश्ता भी मंगाया। कुछ देर बाद उन्होंने सौराष्ट्रजीत को सिगरेट व गुटखा लाने के लिए बाहर भेज दिया। उसके जाते ही बदमाशों ने मिठाई के डिब्बे से पिस्टल निकालकर कमलेश के गले में गोली मार दी। फिर चाकू से सीने में कई वार किए और गला काट दिया। वारदात के बाद बदमाश भाग निकले। जब सौराष्ट्रजीत लौटा तो कमलेश को खून से लथपथ देख चीख पड़ा। चीखें सुनकर घर में मौजूद परिवारीजन आ गए। कमलेश को ट्राॅमा सेंटर ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पैगंबर साहब पर अमर्यादित टिप्पणी पर लगा था रासुका
हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष रहने के दौरान कमलेश पर पैगंबर मोहम्मद साहब पर अमर्यादित टिप्पणी से धार्मिक भावना भड़काने व पोस्टर चस्पा करने का आरोप लगा था। उनके खिलाफ 4 दिसंबर 2015 को रासुका लगाकर गिरफ्तार किया गया था। बाद में उनकी पत्नी किरन ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की शरण ली। सितंबर 2016 में हाईकोर्ट ने कमलेश की कस्टडी को गैरकानूनी करार देते हुए रासुका हटा दिया था। इस दौरान कमलेश करीब 11 महीने जेल में रहे थे।
तीन सदस्यीय एसआईटी गठित, जांच शुरू
सीएम द्वारा कमलेश हत्याकांड की रिपोर्ट तलब करने के बाद शासन ने आईजी एसके भगत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई है। इसमें लखनऊ के एसपी क्राइम दिनेश पुरी और एसटीएफ के डिप्टी एसपी पीके मिश्र भी हैं। एसआईटी ने पड़ताल शुरू कर दी है। हत्यारों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश को कई माह से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। गनर के अतिरिक्त स्थानीय थाने से भी सुरक्षाकर्मी दिया गया था। घटना के समय एक सुरक्षाकर्मी तिवारी के आवास के नीचे तैनात था। उसने हत्यारों को रोका तथा तिवारी से पूछकर ही उन्हें अंदर जाने दिया। संभवत: हत्यारों ने छद्म नामों का इस्तेमाल किया।
आतंकियों ने मारने की दी थी धमकी
आईएसआईएस के दो आतंकियों उबैद मिर्जा व कासिम सिंबरवाला ने पैगंबर साहब पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कमलेश को मार डालने की बात कही थी। दोनों को गुजरात एटीएस ने गुजरात से 24 अक्तूबर 2017 को गिरफ्तार किया था। एटीएस की चार्जशीट में भी इसका जिक्र है। इसके मुताबिक आतंकियों ने कमलेश का एक वीडियो दिखाते हुए कहा था कि उसको मार डालना है। हिंदू महासभा के पदाधिकारियों का भी कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी मिली थी।
सूरत से खरीदा गया था मिठाई का डिब्बा
बदमाश जिस मिठाई के डिब्बे में असलहा छिपाकर लाए थे, वह गुजरात के सूरत के उद्योग नगर उधना स्थित धरती फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके से एक रसीद मिली है जो बुधवार रात पिस्ता घड़ी मिठाई खरीदने की है। सूरत से दो दिन पहले खरीदी गई मिठाई के डिब्बे में असलहा छिपाकर लाने से हत्या का कनेक्शन आईएसआईएस से जोड़ा जा रहा है।
वहीं, देर रात उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे लेकिन यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी व लोगों के आक्रोश के कारण वह परिवार से नहीं मिल सके। जिस पर उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और परिवार की समुचित सुरक्षा का प्रबंध किया जाएगा।