जनता को धोखा देकर 1485 करोड़ कमाएंगी कंपनियां
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर धोखा दिया है। बृहस्पतिवार को बिजली की नई दरें तय करने के दौरान उसने बिजली कंपनियों पर दरियादिली दिखाई।
पावर कारपोरेशन ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम 5.75 रुपये प्रति यूनिट की दर प्रस्तावित की थी लेकिन आयोग ने अपनी तरफ से 45 पैसे और बढ़ाकर दर 6.20 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी।
अनुमान है कि नई दरों से कंपनियों को तकरीबन 1485 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। आयोग भले ही घरेलू बिजली दरों में महज 5.04 फीसदी की बढ़ोतरी का दावा कर रहा हो पर कुल मिलाकर बोझ 17 फीसदी तक बढ़ाया गया है।
मालूम हो कि आयोग ने पिछले साल दरें तय करने के दौरान कड़े शब्दों में कहा था कि अगर कंपनियां बिजली चोरी रोकने से लेकर बिलिंग, राजस्व वसूली, सस्ती बिजली खरीद प्रबंध आदि के मोर्चे पर फेल हुईं तो दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। उल्टे दरें घट सकती हैं।
अभी कुछ दिन पहले बिजली दरों के प्रस्ताव पर जन सुनवाई में आयोग ने स्वीकारा भी कि कंपनियों की परफार्मेंस संतोषजनक नहीं है। इसके बावजूद आयोग ने कंपनियों की नाकामी की अनदेखी करते हुए पावर कारपोरेशन के दबाव में उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा दिया।
उपभोक्ताओं से ज्यादा बिजली कंपनियों की फिक्र
अब आयोग की साख पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकार कहते हैं कि सिर्फ बिजली चोरी ही रोक ली जाए तो बिजली कंपनियों का राजस्व 5000 करोड़ रुपये सालाना बढ़ जाएगा। साफ है कि बिजली कंपनियों की परफॉर्मेंस न सुधरने पर दरें न बढ़ने देने का दावा करने वाले आयोग ने एक बार फिर साबित किया कि उसे उपभोक्ताओं से ज्यादा बिजली कंपनियों की ही फिक्र है।
एक जुलाई से लागू हो सकती हैं नई बिजली दरें
लखनऊ। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2015-16 के लिए घोषित की गई नई बिजली दरें एक जुलाई से प्रभावी हो सकती हैं। पावर कारपोरेशन नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराने की तैयारी में जुटा है। दो-तीन दिन के भीतर नई दरों का प्रकाशन करा दिए जाने की संभावना है। इसके एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।
राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा का कहना है‘यह पूरी तरह से प्रोफेशनल टैरिफ है जो वास्तव में सबको न्याय देने वाला है। आयोग ने पहली बार बेईमान उपभोक्ताओं को हतोत्साहित करने और सब्सिडी को हटाते हुए दरें तय की हैं। तात्कालिक रूप से भले ही यह लोकलुभावन न नजर आ रहा हो पर आगे चलकर इसका अच्छा असर नजर आएगा।’