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हाईकोर्ट ने कहा, चारबाग रेलवे स्टेशन के पास अतिक्रमण हटवाएं
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लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर अतिक्रमण से लगने वाले ट्रैफिक जाम पर सख्त रुख दिखाया है। अदालत ने सोमवार को संबंधित अफसरों को स्टेशन के सामने सड़क से अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिलाधिकारी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करें और संयुक्त टीम बनाएं। टीम से मौका मुआयना करवाकर अतिक्रमण हटवाएं, ताकि जाम से निजात मिल सके। अदालत ने इसके लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता आरसी पाठक की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि चारबाग रेलवे स्टेशन के पास नत्था तिराहे से निकलने वाली सड़क है। यहां से आलमबाग तक और नत्था तिराहा से दुर्गापुरी तक सड़क के दोनों तरफ काफी स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण किए गए हैं। इससे वास्तविक उपयोग के लिए उपलब्ध सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। इससे ट्रैफिक जाम होता है और यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
मेट्रो, परिवहन निगम, मंडल रेल प्रबंधक से याचिका में उठाए सवालों पर चर्चा करें डीएम
अदालत ने डीएम को सभी संबंधित अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक (यातायात), नगर आयुक्त व लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता की बैठक आयोजित करने को कहा है। इसके साथ ही कहा है कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के उचित स्तर के अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के उचित स्तर के अधिकारी और मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर पूर्व रेलवे, लखनऊ याचिका में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करें। कोर्ट ने कहा कि इस समिति के अधिकारियों की एक टीम संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने, अतिक्रमण हटाने और यातायात के सुचारु संचालन के लिए उचित उपाय करे। ताकि पूरे इलाके में होने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल सके। समिति इस संबंध में उचित निर्णय लेगी और एक समयबद्ध कार्य योजना भी तैयार करेगी। इस पर तदनुसार कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने डीएम को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया कि समिति द्वारा तैयार की गई कार्य योजना समयबद्ध तरीके से लागू की जाए। उधर, संबंधित पक्षकारों के अधिवक्ता भी पेश हुए। कोर्ट ने इस आदेश को संबंधित अफसरों को सूचित करने के निर्देश देकर याचिका का अंतिम रूप से निपटारा कर दिया।
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अदालत ने कहा-अतिक्रमण हटाना नगर निगम का कर्तव्य है
कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाना मुख्य रूप से स्थानीय निकाय यानी लखनऊ नगर निगम का कर्तव्य है। जहां तक यातायात प्रबंधन का सवाल है, जिला यातायात पुलिस को यातायात को सुचारु बनाने के लिए उचित और पर्याप्त कदम उठाने होंगे।
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न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता आरसी पाठक की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि चारबाग रेलवे स्टेशन के पास नत्था तिराहे से निकलने वाली सड़क है। यहां से आलमबाग तक और नत्था तिराहा से दुर्गापुरी तक सड़क के दोनों तरफ काफी स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण किए गए हैं। इससे वास्तविक उपयोग के लिए उपलब्ध सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। इससे ट्रैफिक जाम होता है और यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
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मेट्रो, परिवहन निगम, मंडल रेल प्रबंधक से याचिका में उठाए सवालों पर चर्चा करें डीएम
अदालत ने डीएम को सभी संबंधित अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक (यातायात), नगर आयुक्त व लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता की बैठक आयोजित करने को कहा है। इसके साथ ही कहा है कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के उचित स्तर के अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के उचित स्तर के अधिकारी और मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर पूर्व रेलवे, लखनऊ याचिका में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करें। कोर्ट ने कहा कि इस समिति के अधिकारियों की एक टीम संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने, अतिक्रमण हटाने और यातायात के सुचारु संचालन के लिए उचित उपाय करे। ताकि पूरे इलाके में होने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल सके। समिति इस संबंध में उचित निर्णय लेगी और एक समयबद्ध कार्य योजना भी तैयार करेगी। इस पर तदनुसार कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने डीएम को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया कि समिति द्वारा तैयार की गई कार्य योजना समयबद्ध तरीके से लागू की जाए। उधर, संबंधित पक्षकारों के अधिवक्ता भी पेश हुए। कोर्ट ने इस आदेश को संबंधित अफसरों को सूचित करने के निर्देश देकर याचिका का अंतिम रूप से निपटारा कर दिया।
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अदालत ने कहा-अतिक्रमण हटाना नगर निगम का कर्तव्य है
कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाना मुख्य रूप से स्थानीय निकाय यानी लखनऊ नगर निगम का कर्तव्य है। जहां तक यातायात प्रबंधन का सवाल है, जिला यातायात पुलिस को यातायात को सुचारु बनाने के लिए उचित और पर्याप्त कदम उठाने होंगे।