फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Highcourt asked questions on prisons of Uttar Pradesh.

हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से खुली जेल की स्थापना पर किया सवाल, कहा- क्या कर रही सरकार

Wed, 11 Mar 2020 08:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 11 Mar 2020 08:09 PM IST
विज्ञापन
Highcourt asked questions on prisons of Uttar Pradesh.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि जेलों में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने सरकार से खुली जेल स्थापित करने के मुद्दे पर भी जवाब तलब किया है।

विज्ञापन


यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर दिया। इसमें जेलों व इनके बंदियों के लिए सुधारात्मक कदम उठाने का मुद्दा उठाया गया है।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में एक भी खुली जेल नहीं है। लखनऊ में एक मॉडल जेल है, पर उसके मोहनलालगंज स्थानांतरित होने के बाद वह भी ठीक से काम नहीं कर रही है। सुनवाई के दौरान कहा गया कि प्रदेश की जेलों की क्षमता 60 हजार कैदियों की है, लेकिन इस समय एक लाख चार हजार से अधिक बंदी जेलों में कैद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


याची का कहना था कि अच्छा आचरण करने वाले कैदियों और उन कैदियों, जिन्हें समाज में वापस छोडे़ जाने से कोई खतरा प्रतीत नहीं होता, उनके सुधार के लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए।

'कैदी अपनी आमदनी से अपना खाना स्वयं बना सकता है'

याचिका में राजस्थान प्रिजनर्स ओपन एयर कैम्प रूल्स (नियमावली) 1972 का जिक्र करते हुए कहा गया कि इन नियमों के अंतर्गत कैदियों को खुली जेल में उनके परिवार का साथ मिलता है। कैदी अपनी आमदनी से अपना खाना स्वयं बना सकता है। बंदी को अपनी कमाई का तरीका भी बताया गया है।

राजस्थान में बनी इस नियमावली की तर्ज पर यूपी में भी प्रत्येक जिले में ओपर एयर जेल स्थापित करने की गुजारिश की गई है।इस पर प्रदेश सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि इस मुद्दे पर इलाहाबाद में पहले ही एक अन्य जनहित याचिका पर कोर्ट ने कुछ आदेश पारित किए हैं।

उन्होंने कोर्ट से उस याचिका का ब्योरा देने के लिए समय मांगा है। अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed