भूमि अधिग्रहण मामले में अहम फैसला
मुआवजे की अदायगी और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर लोगों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है।
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक फैसले में यह अहम और दूरगामी व्यवस्था दी। साथ ही जमीन अधिग्रहण के एक मामले में राज्य सरकार पर 5 लाख रुपये का हर्जाना ठोंका है।
कोर्ट ने दो याचियों की सात साल से अटकी मुआवजे की रकम 3 लाख 13 हजार 658 रुपये का वर्ष 2007 से 10 फीसदी सालाना ब्याज दर के साथ दो माह में भुगतान करने का निर्देश दिया है।
चार लाख रुपये का मिलेगा हर्जाना
हर्जाने की इस रकम में से 4 लाख रुपये याचियों को मिलेंगे। शेष एक लाख हाईकोर्ट के मीडिएशन सेंटर को दिए जाएंगे।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वितीय की खंडपीठ ने यह अहम फैसला सखा हुसैन व एक अन्य की रिट मंजूर कर सुनाया।