हाईकोर्ट ने कहा : डेंगू नियंत्रण पर सरकार और नगर निगम के कदम नाकाफी, फॉगिंग के नाम पर न हो औपचारिकता
कहा है कि सरकार और नगर निगम कार्ययोजना बनाकर अवगत कराएं कि शहर में किस प्रकार मच्छरों की बढ़ती ब्रीडिंग पर रोक लगाई जाए। मामले की सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी में डेंगू के मच्छरों के बढ़ते प्रकोप पर राज्य सरकार और नगर निगम की ओर से उठाए गए कदमों को नाकाफी बताया है। साथ ही कहा है कि सरकार और नगर निगम कार्ययोजना बनाकर अवगत कराएं कि शहर में किस प्रकार मच्छरों की बढ़ती ब्रीडिंग पर रोक लगाई जाए। मामले की सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
न्यायालय ने नगर निगम को फॉगिंग के काम में तेजी लाने और मच्छरों के लार्वा को खत्म करने की उचित व्यवस्था के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि कम्युनिटी हेल्प का भी ध्यान रखा जाए जिससे कि सही जगह फॉगिंग की जा सके। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल एवं न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
याचिका में पहले ही न्यायालय ने सरकार एवं नगर निगम से मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों पर हलफनामा मांगा था। आदेश के अनुपालन में राज्य सरकार व नगर निगम की ओर से हलफनामे दाखिल किए गए। इस पर कोर्ट ने कहा गया कि सिर्फ कागजी कार्यवाही न हो बल्कि जमीनी स्तर पर भी काम दिखना चाहिए। फॉगिंग के नाम पर सिर्फ औपचारिकता नहीं होनी चाहिए।
उपचार की व्यवस्था पर भी रिपोर्ट तलब
इसी तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी डेंगू के बचाव के उपाय के अलावा पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था की जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति विकास की खंडपीठ ने बुधवार दिया। इससे पूर्व मामले में राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई। नगर निगम ने पिछले आदेश के अनुपालन में की गई कार्यवाही की जानकारी दी।
बताया कि फॉगिंग समेत अन्य अभियानों के लिए वार्ड कमेटियां गठित की गई हैं। डेंगू कंट्रोल रूम इनसे फीडबैक लेकर कार्यवाही कर रहा है। जलभराव स्थल चिह्नित कर खाली कराए गए हैं। तालाबों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। कोर्ट ने याचिका पर 15 नवंबर को फिर सुनवाई का निर्देश दिया है।