{"_id":"5cd06e57bdec2207362d095d","slug":"high-court-lucknow-orders-national-child-protection-commission-to-be-client","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खस्ताहाल बाल संरक्षण गृहों का मामले : हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को बनाया पक्षकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खस्ताहाल बाल संरक्षण गृहों का मामले : हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को बनाया पक्षकार
Mon, 06 May 2019 10:56 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 06 May 2019 10:56 PM IST
विज्ञापन
Lucknow High Court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में बाल संरक्षण गृहों के खस्ता हालात में सुधार को लेकर दायर मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को विपक्षी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई में इस आयोग की मौजूदगी जरूरी है, जिससे प्रकरण का समाधान किया जा सके। अदालत ने यह कदम बच्चों के हित में जरूरी बताया।
खंडपीठ ने कहा कि पूर्व में अदालत ने संरक्षण गृहों के सोशल आडिट के संबंध में आदेश दिए थे। उस वक्त अदालत को बताया गया था कि सोशल ऑडिट के नतीजों की अभी प्रतीक्षा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई में इस आयोग की मौजूदगी जरूरी है, जिससे प्रकरण का समाधान किया जा सके। अदालत ने यह कदम बच्चों के हित में जरूरी बताया।
विज्ञापन
खंडपीठ ने कहा कि पूर्व में अदालत ने संरक्षण गृहों के सोशल आडिट के संबंध में आदेश दिए थे। उस वक्त अदालत को बताया गया था कि सोशल ऑडिट के नतीजों की अभी प्रतीक्षा हो रही है।
विज्ञापन
कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील को निर्देश दिए कि वे अदालत को इस कवायद के नतीजों की जानकारी देने के लिए हरसंभव प्रयास करें।
हाईकोर्ट ने इस मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को विपक्षी पक्षकार बनाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इस संबंध में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को नोटिस जारी कर दिया जाए। यह नोटिस राज्य सरकार को अपने खर्च पर भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार को यह भी आदेश दिए हैं कि प्रकरण के संबंध जारी सभी महत्वपूर्ण आदेशों व सुनवाई की प्रगति से राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को अवगत करा दिया जाए।
हाईकोर्ट ने इस मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को विपक्षी पक्षकार बनाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इस संबंध में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को नोटिस जारी कर दिया जाए। यह नोटिस राज्य सरकार को अपने खर्च पर भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार को यह भी आदेश दिए हैं कि प्रकरण के संबंध जारी सभी महत्वपूर्ण आदेशों व सुनवाई की प्रगति से राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को अवगत करा दिया जाए।