टैंपो-टैक्सियों में लगाएं किराए की सूची: हाईकोर्ट
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सार्वजनिक वाहनों में सफर करने वालों से मनमाने किराए की वसूली पर रोक लगाने के संबंध में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अहम आदेश दिया है। अदालत ने परिवहन विभाग व संबंधित अफसरों को निर्देश दिया कि सूबे में चलने वाले टैम्पो-टैक्सियों में तय किए गए किराए की सूची लगवाएं।
साथ ही सार्वजनिक जगहों पर भी किराया प्रदर्शित किया जाए। कोर्ट ने मामले में जरूरी उपाय व कार्रवाई करने के लिए अफसरों को चार हफ्ते का वक्त दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई 27 अगस्त नियत की है। साथ ही कहा कि 27 अगस्त तक उठाए गए कदमों की जानकारी परिवहन आयुक्त हलफनामा पर पेश करें।
न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह आदेश ‘लोक न्यायार्थ’ संस्था के महासचिव राजेश कुमार सिंह की पीआईएल पर दिया।
याचिका में आए दिन किराया को लेकर होने वाली किच-किच दूर किए जाने के लिए टैम्पो-टैक्सियों समेत सार्वजनिक जगहों पर तय किए किराए को प्रदर्शित किए जाने की गुजारिश की गई है। अदालत ने इस मामले में परिवहन विभाग से पहले जवाब तलब किया था।
तय किराया वसूलने की अपील की है
परिवहन विभाग की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि किराया तय करने के बाद वाहन मालिकों व चालकों को निर्धारित किराया वसूलने की अपील की गई है।
साथ ही ज्यादा किराया वसूलने वाले कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई।
जवाबी हलफनामे में यह भी कहा गया कि एक मार्च 2014 के पत्र के तहत टैम्पो-टैक्सी के रूट वाइज किराए की सूची भी जनहित में अखबारों में प्रकाशित कराई गई है। साथ ही निर्धारित किराया प्रदर्शित किए जाने केनिर्देश भी दिए गए हैं।
कोर्ट ने कहा-उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं
अदालत ने कहा कि मामले में परिवहन विभाग की तरफ से उठाए गए कदम अपर्याप्त हैं। इसे अफसरों द्वारा पूरी तरह कर्तव्यपालन केरूप में नहीं लिया जा सकता। महज अपील को छपवाना या फिर कुछ वाहनों को ‘बुक’ किया जाना प्रभावी व ठोस कदम नहीं माने जा सकते।