फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   health of patients is being compromised in Queen Mary Hospital In Lucknow pads being made from cotton

Lucknow News: क्वीन मेरी अस्पताल में चप्पलों के नीचे रौंदी जा रही मरीजों की सेहत, रूई से तैयार किए जा रहे पैड

Sun, 04 Jan 2026 09:42 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 04 Jan 2026 09:42 AM IST
सार

राजधानी में क्वीन मेरी अस्पताल में मरीजों की सेहत चप्पलों के नीचे रौंदी जा रही है। यही नहीं रूई से पैड तैयार किए जा रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में यह लापरवाही कैमरे में कैद हुई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
health of patients is being compromised in Queen Mary Hospital In Lucknow pads being made from cotton
जहां बन रहे पैड, वहां चप्पल पहनकर खड़ी महिला कर्मी। पास में पड़े चप्पल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (क्वीन मेरी अस्पताल) में महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर में स्वच्छता के नियमों को नजरअंदाज करते हुए रूई के पैड तैयार किए जा रहे हैं। यही नहीं, जिस स्थान पर पैड बनाए जा रहे हैं, वहीं कर्मचारी जूते-चप्पल पहनकर खुलेआम आवाजाही कर रहे हैं।

विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में शनिवार को यह लापरवाही कैमरे में कैद हुई। जांच के दौरान देखा गया कि कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के रूई के पैड बना रहे थे। उन्होंने न तो दस्ताने पहने थे और न ही सिर के बाल ढकने के लिए हेयर नेट का इस्तेमाल किया था।

विज्ञापन

जूते-चप्पल पहनकर करते आवागमन

पड़ताल में यह भी सामने आया कि महिला कर्मचारी रूई को अपने कपड़ों पर रखकर ही पैड तैयार कर रही थीं। इस दौरान रूई के कई टुकड़े जमीन पर गिरते नजर आए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिना शू कवर के कर्मचारी जूते-चप्पल पहनकर उसी रूई के पास खड़ी थीं, जिसका इस्तेमाल मरीजों के इलाज में किया जाना था।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये पैड न सिर्फ सामान्य ड्रेसिंग के लिए, बल्कि कई बार महिलाओं के निजी अंगों और डिलीवरी के बाद के घावों पर भी लगाए जाते हैं। ऐसे में अस्वच्छ (गंदे) माहौल में बने पैड संक्रमण फैलाने का बड़ा कारण बन सकते हैं। पड़ताल के दौरान ही एक महिला कर्मचारी मरीज के जख्म पर लगाने के लिए ऐसा ही पैड लेकर जाती दिखी।

दूषित रूई से जानलेवा संक्रमण का खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रसूति विभाग में भर्ती महिलाएं और नवजात बच्चे संक्रमण के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। अगर बिना सुरक्षा उपायों और गंदगी के बीच तैयार की गई रूई या पैड का इस्तेमाल किया जाए, तो इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। डिलीवरी के बाद बने घावों या गर्भाशय के पास अगर अस्वच्छ रूई लगाई जाए, तो बैक्टीरिया सीधे खून में पहुंच सकते हैं। 

इससे सेप्सिस (खून में संक्रमण) का खतरा होता है, जो कई मामलों में जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा महिलाओं में पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पेट के निचले हिस्से में संक्रमण) जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

ऑटोक्लेव मशीन से शुद्ध करके किया जाता यूज

पैड बनाने के बाद उन्हें ऑटोक्लेव मशीन से शुद्ध किया जाता है और उसके बाद ही इस्तेमाल किया जाता है। अगर किसी स्तर पर स्वच्छता का पालन नहीं हुआ है और बिना शुद्ध किए पैड का उपयोग किया गया है, तो यह गलत है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। - डॉ. अंजू अग्रवाल, विभागाध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed