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राप्ती नदी के 35 बिंदुओं पर हो रहे कटानरोधी कार्य
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फोटो-2-बलरामपुर में बालू की बोरी डालते मजदूर। संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। कटान रोकने के लिए राप्ती नदी के 35 बिंदुओं पर कटानरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारी मौके पर पहाड़ी नालों के कटान को रोकने के लिए कार्य करा रहे हैं। डीएम श्रुति के निर्देश पर कटानरोधी कार्य कराने से पहले टेक्निकल टीम से भौतिक सत्यापन कराकर बाढ़ खंड के अधिकारियों को इसका जिम्मा सौंपा गया।
डीएम ने बीते दिन बुधवार को बताया कि तीनों तहसीलों के एसडीएम के नेतृत्व में राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के कटान स्थलों का टेक्निकल टीम से भौतिक सत्यापन कराया गया था। राप्ती नदी के द्वारा जिले में दो तहसीलों के 35 स्थलों पर कटान करने का अंदेशा है। सदर व उतरौला तहसील के गांवों को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं। टेक्निकल टीम की रिपोर्ट पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान स्थलों पर कटानरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। नदी की तट पर बसे ग्राम लालनगर, गोनकोट, बोधीहार व परसौना में तटबंध और आबादी की सुरक्षा के लिए काम जारी है।
जिले के पहाड़ी नालों के आसपास बसे गांवों को भी बचाने के लिए बांध व तटबंधों का निर्माण और मरम्मत कराई जा रही है। एक्सईएन बाढ़ खंड एएन अंचल ने बताया कि राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के संवेदनशील कटान बिंदुओं की निरंतर निगरानी हो रही है। नदी व पहाड़ी नालों के कटान निरोधक कार्यों का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है।
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डीएम ने बीते दिन बुधवार को बताया कि तीनों तहसीलों के एसडीएम के नेतृत्व में राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के कटान स्थलों का टेक्निकल टीम से भौतिक सत्यापन कराया गया था। राप्ती नदी के द्वारा जिले में दो तहसीलों के 35 स्थलों पर कटान करने का अंदेशा है। सदर व उतरौला तहसील के गांवों को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं। टेक्निकल टीम की रिपोर्ट पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान स्थलों पर कटानरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। नदी की तट पर बसे ग्राम लालनगर, गोनकोट, बोधीहार व परसौना में तटबंध और आबादी की सुरक्षा के लिए काम जारी है।
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जिले के पहाड़ी नालों के आसपास बसे गांवों को भी बचाने के लिए बांध व तटबंधों का निर्माण और मरम्मत कराई जा रही है। एक्सईएन बाढ़ खंड एएन अंचल ने बताया कि राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के संवेदनशील कटान बिंदुओं की निरंतर निगरानी हो रही है। नदी व पहाड़ी नालों के कटान निरोधक कार्यों का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है।
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