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Lucknow News: प्रधानाध्यापक निलंबित, निरीक्षण में सरकारी तंत्र की दिखी घोर लापरवाही

Fri, 02 Jan 2026 02:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Fri, 02 Jan 2026 02:37 AM IST
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Headmaster suspended, inspection reveals gross negligence of government machinery
ये  कार्यपुसि्तकाएं रद्दी में बेची गई थीं। (फाइल फोटो)
लखनऊ। मोहनलालगंज प्राथमिक विद्यालय नेवाजखेड़ा में कार्यपुस्तिकाएं रद्दी में बेचने के मामले में प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
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इसके अलावा प्रकरण में सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही सामने आई है। यदि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुशील कुमार कनौजिया बीईओ ने वितरण के बाद नियमानुसार निरीक्षण और क्रॉस-चेक किया होता तो किताबें कबाड़ी के बजाय बच्चों के हाथों में होतीं।
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नियमों के अनुसार, कार्यपुस्तिकाओं के वितरण का कॉलम प्रधानाध्यापक भरता है और इसके बाद बीईओ को नामांकन संख्या के आधार पर सत्यापन करना होता है। लेकिन निरीक्षण कागजों तक सीमित रहा। बीईओ ने न तो भंडारण कक्ष देखा और न ही पुस्तिकाओं की जांच की। प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट को ही सही मान लिया गया।
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इसी लापरवाही का लाभ उठाकर छुट्टी के दिन कार्यपुस्तिकाएं कबाड़ी को बेच दी गईं। हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो किताबें वापस मंगाई गई हैं और न ही बच्चों में उनका वितरण हो सका है। बीएसए विपिन कुमार ने भी माना है कि निरीक्षण में चूक हुई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कार्यभार संभाला है और मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में बीईओ सुशील कुमार कनौजिया की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए ने प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया है। बीएसए का कहना है कि भले ही निरीक्षण में लापरवाही हुई हो, लेकिन कार्यपुस्तिकाएं विद्यालय में मौजूद थीं। ऐसी स्थिति में उन्हें कबाड़ में बेचने के बजाय बच्चों में वितरित किया जाना चाहिए था।
बीईओ सुशील कुमार कनौजिया के अनुसार प्रत्येक स्कूल का निरीक्षण हर माह किया जाता है। प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट के बाद बच्चों से भी किताबों के बारे में जानकारी ली गई थी। बाद में ये किताबें कहां से निकलकर आईं इसके बारे में प्रधानाध्यापक को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो वह अभी तक आए नहीं। प्रधानाध्यापक से जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


लखनऊ मंडल, एडी बेसिक श्याम किशोर तिवारी का कहना है कि निरीक्षण में लापरवाही हुई है। वितरण के बाद बीईओ को नामांकन के अनुसार क्रॉस-चेक करना था। यदि ऐसा होता तो किताबें रद्दी में नहीं जातीं। साथ ही प्रधानाध्यापक को भी समय रहते विभाग को सूचना देनी चाहिए थी। जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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