{"_id":"90afd4b841c5e1512f6999f6fdc9071d","slug":"hc-directs-up-officials-to-submit-answer","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमुख सचिव दाखिल करें हलफनामा: HC","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमुख सचिव दाखिल करें हलफनामा: HC
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 31 Jan 2014 01:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे में अल्पसंख्यक आयोग और उर्दू अकादमी के गठन संबंधी अवमानना के दो मामलों में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने संबंधित विभागों के प्रमुख सचिवों को निजी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
ऐसा न करने पर उन्हें अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश होना होगा।
जस्टिस श्रीनारायण शुक्ल ने गुरुवार को ये आदेश स्थानीय वकील फारूख अहमद की दो अवमानना याचिकाओं पर दिए।
पहला मामले में अल्पसंख्यक कल्याण वक्फ विभाग के सचिव देवेश चतुर्वेदी को पक्षकार बनाया गया है।
इसमें पक्षकार की तरफ से कहा गया कि अल्पसंख्यक आयोग के गठन की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कुछ और वक्त लग सकता है।
ऐसे में रिटकोर्ट के समक्ष समय बढ़वाने की अर्जी दाखिल की गई है। सरकारी वकील ने मामले को कुछ समय तक के लिए मुल्तवी किए जाने का आग्रह किया।
इस पर अदालत ने मामले को दो माह के लिए मुल्तवी कर अगली सुनवाई 8 अप्रैल को नियत की है।
साथ ही मामले की प्रगति का खुलासा कर अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। दूसरे मामले में प्रमुख सचिव भाषा डॉ. ललित वर्मा को पक्षकार बनाया गया है।
विज्ञापन
याची का कहना था कि 2 दिसंबर 2013 को रिट कोर्ट ने छह हफ्ते में उर्दू अकादमी का गठन करने के निर्देश प्रमुख सचिव भाषा को दिए थे, जिसका पालन नहीं हुआ।
इस मामले में सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रमुख सचिव ने मामले को अप्रूवल के लिए मुख्यमंत्री को भेज दिया है।
सरकार के आग्रह पर कोर्ट ने मामले को एक माह के लिए स्थगित कर अगली सुनवाई 4 मार्च को नियत की है। साथ ही अकादमी के गठन के संबंध में अगली सुनवाई पर प्रमुख सचिव को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन