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हाथरस कांड :पीड़िता के परिवार के एक सदस्य को नौकरी आदि के मुद्दे पर गौर करेगा हाईकोर्ट
Fri, 17 Sep 2021 09:58 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:58 PM IST
सार
कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी अधिवक्ताओं को अगली सुनवाई पर परिवार को दी जा चुकी सुविधाएं व कानून के तहत जो सुविधाएं उन्हें दी जा सकती हैं, इन सभी पहलुओं पर संबोधित करने को कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को नियत की है।
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लखनऊ हाईकोर्ट
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ हाथरस मामले में पीड़िता के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, कृषि भूमि आदि दिलाए जाने के मुद्दे पर गौर करेगी। कोर्ट ने इस संबंध में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम व इसके तहत बने विनियम के कानूनी पहलुओं पर भी अगली तारीख पर (24 सितंबर) सुनवाई करने को कहा है।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश हाथरस मामले में स्वत: संज्ञान द्वारा ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ शीर्षक से कायम जनहित याचिका पर दिया। सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार की अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा मिल चुका है।
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वहीं मामले में बतौर न्यायमित्र नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर ने अदालत को बताया कि उक्त अधिनियम व इसके तहत बने विनियम के तहत मृतक के आश्रित को पांच हजार रुपये पेंशन, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, कृषि भूमि, मकान व स्नातक तक की पढ़ाई का खर्च इत्यादि दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि मकान, नौकरी अथवा पेंशन का लाभ परिवार को अब तक नहीं दिया गया है। इस पर कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी अधिवक्ताओं को अगली सुनवाई पर परिवार को दी जा चुकी सुविधाएं व कानून के तहत जो सुविधाएं उन्हें दी जा सकती हैं, इन सभी पहलुओं पर संबोधित करने को कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को नियत की है।
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